मिडिल ईस्ट में एक बार फिर बढ़ते तनाव और होर्मुज से गुजर रहे कमर्शियल जहाजों पर हुए हमलों को लेकर भारत ने कड़ी चिंता जताई है. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की बैठक में भारत ने साफ कहा कि खाड़ी देशों में हिंसा और सैन्य गतिविधियों में तेजी आना बेहद चिंताजनक है. भारत ने सभी पक्षों से तत्काल तनाव कम करने, नागरिक जहाजों पर हमले रोकने और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर सुरक्षित और बिना रोक-टोक आवाजाही बहाल करने की अपील की. भारत का यह बयान ऐसे समय आया है, जब ईरान ने होर्मुज में कई जहाजों को निशाना बनाया.
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मिडिल ईस्ट में फिर बढ़ी हिंसा
UN में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत पार्वथनेनी हरीश ने सुरक्षा परिषद की खुली बहस के दौरान कहा कि कुछ समय की शांति के बाद खाड़ी क्षेत्र में फिर से हिंसा बढ़ना गंभीर चिंता का विषय है. उन्होंने कहा कि भारत लगातार उन सभी घटनाओं की निंदा करता रहा है, जिनमें समुद्री मार्गों से गुजर रहे नागरिक जहाजों और नाविकों को निशाना बनाया गया. भारत ने विशेष रूप से GFS Galaxy, MT Al Bahiyah और MT Mombasa जैसे कमर्शियल जहाजों पर हुए हमलों का जिक्र करते हुए कहा कि इन हमलों का सीधा असर भारतीय नाविकों पर पड़ा है.
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'ब्लैक सी' पर रूस-यूक्रेन युद्ध का असर
इस बीच रूस-यूक्रेन युद्ध से भी समुद्र में मौजूद कमर्शियल जहाजों पर हमले की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं. प्राप्त जानकारी के मुताबिक रूस-यूक्रेन युद्ध में भारत के मर्चेंट नेवी अफसर सागर गुप्ता की मौत हो गई. वह 'ब्लैक सी' में कार्गो शिप से रूस के पोर्ट की तरफ जा रहे थे. सागर गुप्ता कानपुर के रहने वाले थे. फैमिली को शव भारत आने का इंतजार है.
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होर्मुज हमलों में भी भारतीय नाविक की मौत
गौरतलब है कि जहाजों पर हुए हमलों में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई, एक अब भी लापता है और कई अन्य घायल हुए हैं, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है. भारत ने साफ शब्दों में कहा कि होर्मुज जैसे अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर कमर्शियल जहाजों की सुरक्षा सिर्फ क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक आर्थिक स्थिरता का भी सवाल है. राजदूत हरीश ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत समुद्री व्यापार और जहाजों के संचालन की स्वतंत्रता जल्द से जल्द बहाल होनी चाहिए.
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