Congress Questions CAG Report on Liquor Scam: दिल्ली विधानसभा सत्र के दौरान मंगलवार को अरविंद केजरीवाल सरकार में हुए शराब घोटाले की CAG रिपोर्ट सदन में पेश की गई। इस रिपोर्ट में शराब घोटाले को लेकर कई बातें सामने आई हैं। इस बीच कांग्रेस की शिकायत है कि इस रिपोर्ट में दिल्ली के उपराज्यपाल और उन बीजेपी नेताओं के बारे में नहीं बताया गया है, जिनका इस घोटाले में शामिल होने का शक था। अपनी इस शिकायत को लेकर कांग्रेस नेता देवेंद्र यादव और संदीप दीक्षित ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें उन्होंने इस रिपोर्ट को लेकर सवाल उठाए हैं।
CAG रिपोर्ट में कहा गया कि शराब नीति जिस मंशा के साथ बनी, उसे बार-बार बदला गया। इसमें जहां पहले 77 की भागीदारी थी, वह बाद में घटकर 14 हो गई।
---विज्ञापन---यह 14 ऐसी संस्थाएं हैं, जो आपस में संबंध रखती हैं। कुछ इस देश के ऐसे हिस्सों से आती हैं, जहां के राजनेता और उनके परिवार के लोग AAP सरकार… pic.twitter.com/vpIkpCsYSe
— Congress (@INCIndia) February 26, 2025
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कांग्रेस ने की PAC गठन की मांग
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश पार्टी अध्यक्ष देवेन्द्र यादव और संदीप दीक्षित ने कहा कि कांग्रेस ने जो मुद्दे उठाए थे, वो CAG रिपोर्ट में बिल्कुल सही साबित हुए। इसके साथ ही इन दोनों नेताओं ने जल्द ही पब्लिक अकाउंट्स कमिटी (PAC) के गठन और CAG रिपोर्ट पर चर्चा की मांग की, साथ ही दोषियों को सजा दिलाने को कहा।
PAC में हो CAG रिपोर्ट की जांच
देवेन्द्र यादव ने कहा कि कांग्रेस चाहती है कि CAG रिपोर्ट की जांच PAC में की जाए और इसके लिए जल्द से जल्द PAC का गठन किया जाए। इसके बाद इस लूट में शामिल सभी दोषियों को सजा दी जाए। उन्होंने आगे कहा कि हमारी मांग है कि इन CAG रिपोर्ट्स को पब्लिक अकाउंट्स पर चर्चा में भी लाया जाए। उन्होंने आगे कहा कि शराब नीति से जुड़ी 14 CAG रिपोर्ट में से सदन में सिर्फ एक रिपोर्ट पेश की गई है।
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कांग्रेस ने उठाएं सावल
देवेन्द्र यादव ने कहा कि इसको लेकर कांग्रेस ने कुछ सवाल किए हैं। जैसे, शराब नीति से जुड़ी सभी 14 रिपोर्ट्स सदन में पेश क्यों नहीं की गईं? शराब नीति के समय 3 बार आबकारी आयुक्त की नियुक्ति क्यों हुई? उपराज्यपाल ने शराब नीति को मंजूरी क्यों दी? मास्टरप्लान का उल्लंघन कर ठेके खुलने की अनुमति किसने दी?