दिल्ली कोर्ट ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने एक आपराधिक शिकायत याचिका खारिज कर दी है। जिसमें खरगे पर केस चलाने की मांग की गई है। इसमें अदालत ने संज्ञान लेने से इनकार कर दिया और शिकायत को खारिज कर दिया।

बता दें कि एक आरएसएस सदस्य ने आरोप लगाया था कि खड़गे ने अप्रैल 2023 में कर्नाटक के नारेगल में एक चुनावी रैली के दौरान अभद्र भाषा का प्रयोग किया था। इसकी को लेकर कार्यकर्ता ने कोर्ट से संज्ञान लेने के लिए याचिका दाखिल की थी।

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बता दें कि दिसंबर 2024 में भी यह मामला सामने आया था। तब कोर्ट ने मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ FIR दर्ज करने के निर्देश देने से मना कर दिया था। शिकायतकर्ता और RSS कार्यकर्ता रविंदर गुप्ता ने आरोप लगाया था कि खरगे ने कर्नाटक में एक चुनावी रैली में भाजपा और RSS के खिलाफ नफरत फैलाने वाला भाषण दिया था। इसके बाद दिल्ली पुलिस की एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) पर विचार करने के बाद कोर्ट ने 9 दिसंबर 2024 को FIR दर्ज करने के निर्देश देने से मना कर दिया।

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याचिका पर सुनावाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि कानून के अनुसार केवल कठोर और आपत्तिजनक आलोचना को 'नफरत फैलाने वाला भाषण' नहीं माना जा सकता। कहा कि जब तक कि वह दो समूहों के बीच नफरत भड़काने का इरादा न रखता हो। इसके अलावा कोर्ट ने स्पष्ट किया कि रिकॉर्ड पर मौजूद सबूत प्रथम दृष्टया भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 500 के तहत मानहानि के अपराध की ओर इशारा नहीं करते हैं। मानहानि (IPC की धारा 500) के अपराध के लिए संज्ञान लेना भी इस मामले में वर्जित है, क्योंकि यह शिकायत स्वयं पीड़ित व्यक्ति (प्रधानमंत्री) की ओर से दायर नहीं की गई है।

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