संसद के अंदर हंगामा… जंतर-मंतर पर छात्रों का प्रदर्शन… और किसानों के आंदोलन की आहट. इन सबके बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनडीए संसदीय दल की ‘मंगल मिलन’ बैठक से एक साथ युवाओं और किसानों को बड़ा राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की. सरकार का फोकस साफ था, विरोध नहीं, भरोसा. जंतर-मंतर पर CJP के आंदोलन और किसानों के दिल्ली कूच के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि युवाओं के भविष्य से कोई खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा. NEET पेपर लीक मामले में त्वरित कार्रवाई, आरोपियों की गिरफ्तारी और दोबारा परीक्षा का ज़िक्र कर सरकार ने ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ का संदेश दिया। साथ ही भरोसा दिलाया कि भविष्य में परीक्षाओं को पूरी तरह लीक-प्रूफ बनाने की दिशा में काम किया जाएगा.
दूसरी ओर किसानों को भी स्पष्ट संदेश दिया गया. प्रधानमंत्री ने मुक्त व्यापार समझौतों का ज़िक्र करते हुए कहा कि किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं होगा. यानी संसद के मंच से सरकार ने युवाओं के लिए ‘सुरक्षित भविष्य’ और किसानों के लिए ‘सुरक्षित हित’ दोनों का नैरेटिव एक साथ पेश किया. उधर, सरकार के भीतर यह भी माना जा रहा है कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर आवश्यक कार्रवाई पहले ही की जा चुकी है. जेपी नड्डा का घायल छात्रों से अस्पताल जाकर मिलना भी उसी संवेदनशील रुख का हिस्सा बताया जा रहा है. लेकिन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को सरकार राजनीतिक मान रही है और फिलहाल उस पर किसी तरह के विचार की संभावना नहीं दिख रही. यानी सरकार बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन राजनीतिक मांगों पर झुकने के संकेत नहीं दे रही.
जंतर-मंतर पर CJP का विरोध प्रदर्शन के लिए तैनात ACP जगदेव सिंह ने कहा कि पुलिस ने कई महिलाओं को बचाया, जिन्हें बैरिकेडिंग का सामना करने के लिए आगे किया जा रहा था. साथ ही बच्चों, दिव्यांगों और कई बुजुर्ग नागरिकों को भी बचाया.’ जगदेव सिंह ने बताया, ‘माना कि पुलिस ने उनके खिलाफ बल प्रयोग किया, लेकिन ऐसा तभी हुआ जब उन्होंने बैरिकेड तोड़ने और अशांति फैलाने की कोशिश की.
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Pib फैक्ट चेक के मुताबिक कल हुए प्रदर्शन में किसी छात्रा की मौत नहीं हुई है, सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी है.
घायल छात्रों से मिलने RML हॉस्पिटल पहुंचे जेपी नड्डा, CJP प्रोटेस्ट में घायल हुए थे स्टूडेंट्स. सीजेपी का एक प्रतिनिधी मंडल सोमवार को जेपी नड्डा से मिलने पहुंचा था.
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जंतर मंतर पर चल रहे प्रदर्शन, संसद में चल रहे मॉनसून सत्र और बीते 24 घंटों में हुई हिंसक घटनाओं को देखते हुए देश की पुलिस अलर्ट पर है. दिल्ली को जोड़ने वाली यूपी के बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है. हर आने जाने वाले वाहनों को पुलिस चेक कर रही है और दिल्ली जाने का मायने पूछ रही है. कई सारे किसान संगठनों ने भी दिल्ली कूच का आह्वान किया है और संसद के आसपास छात्रों का एक बड़ा हुजूम अब भी डटा है. (इनपुट- ऋषिकेश कुमार)
अभिजीत दिपके ने ऐलान किया कि सीजेपी अब दोबारा मार्च नहीं करेगी, क्योंकि वो नहीं चाहते कि पुलिस देश के युवाओं को चोट पहुंचाए. अभिजीत दिपके ने घायल छात्रों से भी माफी मांगी है.
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1. सोनम वांगचुक का इलाज वीएमएमसी एवं सफदरजंग अस्पताल में जारी है. उनकी देखरेख वीएमएमसी एवं सफदरजंग अस्पताल और एम्स, नई दिल्ली के विशेषज्ञ डॉक्टरों की बहु-विषयक टीम कर रही है.
2. फिलहाल उनके वाइटल पैरामीटर (जीवन रक्षक संकेत) स्थिर हैं. हालांकि, ब्लड शुगर का स्तर अभी भी सामान्य से कम बना हुआ है.
3. बीती रात लिए गए सैंपल के अनुसार सीरम पोटैशियम 3.2 mEq/L है. इसके अलावा, उन्हें लगातार पैनसाइटोपेनिया (खून की सभी प्रकार की कोशिकाओं में कमी) की समस्या बनी हुई है, जिसमें एनीमिया और श्वेत रक्त कोशिकाओं (ल्यूकोसाइट्स) की संख्या कम है. इन कारणों से उनकी लगातार निगरानी और नियमित लैब जांच की जा रही है.
4. उन्हें फिलहाल ओरल रिहाइड्रेशन थेरेपी (ORS) और मुंह से पोटैशियम सप्लीमेंट दिए जा रहे हैं. हालांकि, बार-बार चिकित्सकीय सलाह के बावजूद उन्होंने इंट्रावेनस (IV) फ्लूइड और ग्लूकोज लेने से इनकार किया है.
5. लंबे समय से जारी अनशन के कारण हल्के से मध्यम स्तर का डिहाइड्रेशन, लगातार लैब संबंधी असामान्यताएं और शरीर पर पड़ रहे शारीरिक तनाव को देखते हुए उनकी निरंतर चिकित्सकीय निगरानी बेहद आवश्यक है, ताकि किसी भी संभावित जटिलता की समय रहते पहचान और उपचार किया जा सके.
6. अस्पताल प्रशासन के अनुसार, उन्हें सभी आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं. उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आगे का उपचार उनकी क्लिनिकल प्रगति तथा लैब जांच रिपोर्टों के आधार पर तय किया जाएगा.
अभिजीत दिपके उस लड़की से मिले जो बेरहम लाठीचार्ज में घायल हो गई थी. उन्होंने कहा- ‘बेरहमी से हुए लाठीचार्ज में घायल होने के बाद RML में एक लड़की की हालत गंभीर है.’
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कल दादर के चैत्यभूमि इलाके में सोनम वांगचुक के सपोर्ट में हुए प्रोटेस्ट में शामिल हुए प्रोटेस्ट करने वाले स्टूडेंट्स के खिलाफ केस दर्ज किए गए हैं. पुलिस ने कल बिना परमिशन और कर्फ्यू ऑर्डर के बावजूद प्रोटेस्ट करने वाले कुछ प्रोटेस्ट करने वाले स्टूडेंट्स को हिरासत में लिया था. इसके बाद, माटुंगा पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया है और प्रोटेस्ट करने वालों को क्राइम की जांच के लिए सुबह 10 बजे बुलाया गया है.
मुंबई के माहिम पुलिस स्टेशन में प्रोटेस्ट करने वालों के खिलाफ इंडियन पीनल कोड के सेक्शन 189(2), 189(3), 189 (5), 223 के साथ-साथ महाराष्ट्र पुलिस एक्ट के सेक्शन 37, 135, G. Reg. C. 00/2026 के तहत केस दर्ज किया गया है.
पुलिस ने उन्हें 27 जुलाई को सुबह 10:00 बजे जांच के लिए शिवाजी पार्क पुलिस स्टेशन में हाजिर होने का आदेश दिया है. अगर आप जांच के लिए हाजिर नहीं होते हैं, तो यह समझा जाएगा कि आपके पास कहने के लिए कुछ नहीं है और आपके खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी, पुलिस ने निर्देश दिया है.
1. प्रदर्शन के दौरान सबसे पहले बैरिकेड तोड़ने या तनाव बढ़ाने की शुरुआत किसने की?
पुलिस के लिए ये सबसे महत्वपूर्ण इसलिए हो जाता है क्योंकि इस प्रोटेस्ट में छात्रों के अलावा ड्राइवर से लेकर अन्य पेशे के लोग भी शामिल थे. पुलिस को शक है कि छात्रों के इस प्रोटेस्ट को हाईजैक किया गया. बैरिकेड तोड़कर छात्रों को उकसाया गया.
2. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की फॉरेंसिक जांच, ताकि यह पता चल सके कि वीडियो एडिटेड या भ्रामक तो नहीं हैं.
3. प्रदर्शन में शामिल लोगों की पहचान, सीसीटीवी, ड्रोन और पुलिस बॉडी कैमरा फुटेज का विश्लेषण.
4. क्या किसी संगठन या बाहरी तत्व ने जानबूझकर माहौल बिगाड़ने या हिंसा भड़काने की कोशिश की.
घटनास्थल से मिले डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच तथा प्रत्यक्षदर्शियों के बयान.
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CJP Protest in delhi LIVE: नीट पेपर लीक और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का प्रदर्शन अब हिंसक रूप ले चुका है. सोमवार को संसद मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों में झड़प हुई, जिसमें दोनों तरफ से कई लोग घायल हुए. इस बीच कॉकरोच जनता पार्टी के चीफ अभिजीत दिपके और उनके समर्थकों ने जंतर मंतर से हटाए जाने के बाद एक बार फिर से प्रदर्शन स्थल पर कब्जा कर लिया है. अभिजीत दिपके ने ये भी ऐलान किया कि सीजेपी अब दोबारा मार्च नहीं करेगी, क्योंकि वो नहीं चाहते कि पुलिस देश के युवाओं को चोट पहुंचाए. अभिजीत दिपके ने घायल छात्रों से भी माफी मांगी है. वहीं, दूसरी तरफ सोमवार को निकाले गए संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा के मामले में दिल्ली पुलिस ने पहली एफआईआर दर्ज कर ली है. अब तक 70 से ज्यादा लोग हिरासत में लिए जा चुके हैं.
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कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन से जुड़ी खबरों के लिए बने रहें इस लाइव के साथ…
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