सुप्रीम कोर्ट में आज गजब का नजारा देखने को मिल सकता है। आज तौर पर जज, वकील और आरोपियों से कोर्ट भरी होती है। मगर आज सुप्रीम कोर्ट में पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी पेश होंगी। खास ये नहीं हैं कि कोई सीएम पेश होगा। खास है कि सीएम बतौर वकील पेश हो सकती हैं। इसकी चर्चा टीएमसी के पोस्टर से शुरू हो गई। पोस्टर में ममता बनर्जी को वकील दिखाया गया।

स्पेशल इंटेसिव रिवीजन (SIR) पर विवाद कोई नया नहीं है। बिहार चुनाव से एसआईआर काफी चर्चा में है। इसको लेकर सड़क से संसद तक कई बार प्रदर्शन हुए। इसके बाद चुनाव आयोग ने पूरे देश में एसआईआर कराने का फैसला किया था। यूपी के बाद अब बारी पश्चिम बंगाल की है। हालांकि पश्चिम बंगाल में एसआईआर की राह आसान नहीं दिख रही है। पश्चिम बंगाल में एसआईआर पर ममता सरकार का मत है कि एसआईआर में तार्किक विसंगतियां होने के कारण 1.25 करोड़ वोटरों से उनका मताधिकार छिन सकता है।

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एसआईआर पर ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस (TMC) का आरोप है कि चुनाव आयोग की तार्किक विसंगती सूची के कारण पश्चिम बंगाल के करीब 1.25 करोड़ मतदाताओं के नाम कटने का खतरा है। सीएम ममता ने इसे अलोकतांत्रिक और दोषपूर्ण बताते हुए दावा कि इस प्रक्रिया से बड़े पैमाने पर लोग वोट देने के अधिकार से वंचित हो जाएंगे।

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मामले में गत 19 जनवरी को शीर्ष अदालत ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया था कि एसआईआर प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए। कहा था कि आम जनता को असुविधा नहीं होनी चाहिए। इसके साथ ही कोर्ट ने विसंगतियों वाली सूची को ग्राम पंचायत और ब्लॉक कार्यालयों में प्रदर्शित करने का आदेश दिया था।

हालांकि टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने आरोप लगाया था कि चुनाव आयोग औपचारिक लिखित निर्देशों के बजाय इंटरनेट प्लेटफॉर्म संदेशों जैसे अनौपचारिक माध्यमों से जमीनी अधिकारियों को आदेश दे रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सीएम ममता बनर्जी के पास कानून की डिग्री (LLB) है। इसको आधार बनाकर सीएम ममता बनर्जी अदालत की कार्यवाही में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहकर अपनी बात रख सकती हैं। जानकारों की मानें तो यह सुनवाई बंगाल की भावी राजनीति और आगामी चुनावों की निष्पक्षता के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

टीएमसी ने एक पोस्टर एक्स पर पोस्ट किया है। इसमें सीएम ममता बनर्जी फाइलों के साथ सुप्रीम कोर्ट की सीढ़ियों पर चढ़ती दिख रही हैं। पोस्ट के कैप्शन में People's Advocate Vs Devil's Advocate लिखा है। पोस्टर में बड़े अक्षरों में ऐतिहासिक लिखा है। बता दें कि ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग और पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में 28 जनवरी को याचिका दायर की थी। 4 फरवरी को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली 3 सदस्यीय पीठ इस मामले की सुनवाई करेगी।

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