कॉकरोच जनता पार्टी के नेता अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली पुलिस ने एयरपोर्ट पर ही हिरासत में ले लिया. तीनों मुंबई से दिल्ली जंतर-मंतर प्रदर्शन में हिस्सा लेने पहुंचे थे. जैसे ही उनकी प्लेन लैंड हुई, दिल्ली पुलिस की टीम उनके प्लेन के अंदर ही पहुंच गई और उन्हें हिरासत में ले लिया. इस बीच गौर करने वाली बात यह है कि उन्हें हिरासत में लेने पहुंची दिल्ली पुलिस की टीम में केवल महिला अधिकारी थीं.
हालांकि, अभी तक यह नहीं पता चल पाया है कि दिल्ली पुलिस की महिला अधिकारियों की टीम भेजने के पीछे कौन सी रणनीति थी. अंदेशा लगाया जा रहा है कि हो सकता है कि दिल्ली पुलिस ने यह रणनीति जानबूझकर अपनाई हो. दिल्ली पुलिस को लगा हो कि पुरुष अधिकारियों की टीम भेजने पर प्लेन में टकराव की स्थिति पैदा हो सकती है. विमान में गलियारे संकरे होते हैं, वहां बहुत कम जगह होती है. ऐसे में मामूली टकराव की वजह से बड़ा हंगामा हो सकता था. ऐसी स्थिति से बचने के लिए दिल्ली पुलिस ने शायद महिला अधिकारियों को तैनात करने का किया हो.
इसके पीछे की वजह दिल्ली पुलिस का 20 जुलाई के प्रदर्शन का अनुभव भी हो सकता है. 20 जुलाई को पेपर लीक के विरोध में छात्र प्रदर्शनकारियों के संसद की ओर मार्च करने के दौरान हिंसा भड़क गई थी. इसके बाद CJP ने पुरुष पुलिस अधिकारियों पर महिला प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया था. उन्होंने आरोप लगाया था कि लड़कियों के सिर फोड़ दिए गए और उनके कपड़े फाड़ दिए गए.
कैसे डिटेन किए गए दीपके?
एयरपोर्ट प्लेन लैंड होने के बाद जैसे ही दिल्ली पुलिस की टीम प्लेन में चढ़ने लगे, तभी दीपके ने विंडो सीट से रिकॉर्डिंग शुरू कर दी. उनके साथी सौरभ दास बीच वाली सीट पर बैठे थे. वहीं, उनके बगल में आशुतोष रांका बैठे थे. हिरासत के सामने आये वीडियो में देखा जा सकता है कि महिला पुलिसकर्मी CJP नेताओं को घेरे हुए खड़ी हैं. दीपके हिरासत में उनसे यह कहते है देखे जा सकते हैं कि वे उनके प्लेन से उतरने का तो इंतजार कर सकते थे.
दीपके वीडियो में कह रहे हैं कि, ‘आप देख सकते हैं कि देश किस ओर जा रहा है. वे हमें सीधे प्लेन से ही अरेस्ट करने आए हैं. ऐसा तो इंदिरा गांधी ने भी नहीं किया था. यह तानाशाही है.’
प्लेन में दीपके पुलिसकर्मियों से यह कहते हुए दिख रहे हैं, ‘मैं गिरफ्तार होने ही आया हूं, मुझे गिरफ्तार करें.’