दिल्ली में जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन और छात्र आंदोलन खत्म करने के बाद अभिजीत दीपके एक कानूनी पचड़े में फंसते दिख रहे हैं. जी हां, उनकी कॉकरोच जनता पार्टी के लीगल डिफेंस फंड पर सवाल उठे हैं. एक सवाल यह भी पूछा गया है कि अभिजीत दिपके के पिता भगवानराव दिपके के पास उन्हें अमेरिका भेजने के लिए पैसे कहां से आए, जबकि वे एक रिटायर्ड कर्मचारी हैं? गुजरात के सूरत जिले के RTI एक्टिविस्ट अमित तिवारी ने CJP के लीगल डिफेंस फंड और अभिजीत दीपके के पिता की आर्थिक स्थिति की जांच की मांग भारतीय चुनाव आयोग (ECI) और केंद्रीय GST बोर्ड के अधिकारियों से की है.
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पार्टी के रजिस्ट्रेशन को लेकर सवाल उठाए
RTI कार्यकर्ता अमित तिवारी ने भारतीय चुनाव आयोग (ECI) और केंद्रीय GST बोर्ड के अधिकारियों को लिख लेटर में सवाल उठाया है कि रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी अपने बेटे को हायर एजुकेशन के लिए अमेरिका कैसे भेज पाए? कॉकरोच जनता पार्टी के एक करोड़ के लीगल डिफेंस फंड का सच क्या है? CJP कार्यकर्ताओं को कानूनी मदद और इसके लिए फंड कैसे मिल रही है? CJP का वैधानिक अस्तित्व कैसे है? पार्टी का रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है तो यह राजनीतिक दल की तरह कैसे काम कर रही?कॉकरोच जनता पार्टी को लीगल डिफेंस फंड के रूप में 1 करोड़ रुपये कैसे मिल रहे हैं? चुनाव आयोग को जांच करनी चाहिए.
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एक करोड़ के लीगल फंड की जांच की मांग
RTI कार्यकर्ता ने सवाल उठाया है कि क्या कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 29A के तहत रजिस्टर्ड है? अगर पार्टी का रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है तो राजनीतिक दल की तरह इसका संचालन कैसे किया जा रहा? सीनियर एडवोकेट और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने CJP को 1 करोड़ की कानूनी सहायता देने का ऐलान किया तो क्या इस फंड पर उन्होंने 18 प्रतिशत GST का भुगतान किया है या नहीं? एक पार्टी को इतना फंड दिए जाने की जांच होनी चाहिए. यह फंड CJP के संसद मार्च में घायल हुए प्रदर्शनकारियों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए बनाया गया है.
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