हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Gyanesh KumarsirBigg Boss 20

अब जल्द ही निपटेंगे SC के 800 सबसे पुराने लंबित मामले, CJI सूर्यकांत ने बनाई चार स्पेशल बेंच

CJI सूर्य कांत ने सुप्रीम कोर्ट के लंबित मुकदमों के निपटारे के लिए लगभग 800 ऐसे मामलों को चुना है जिनका निपटारा जल्द ही किया जाएगा. इसके लिए CJI ने चार नई स्पेशल बेंच बनाई हैं.

विज्ञापन

भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्य कांत ने एक खास रोस्टर जारी किया है, जिसके तहत चार खास बेंचें सुप्रीम कोर्ट के सबसे पुराने सिविल और क्रिमिनल मामलों की सुनवाई करेंगी. हाल के वर्षों में सुप्रीम कोर्ट की पहली व्यवस्थित डॉकेट-मैनेजमेंट प्रक्रिया के तहत, पुराने लंबित मुकदमों के निपटारे के लिए लगभग 800 ऐसे मामलों की पहचान की गई है जिनका जल्द निपटारा किया जाएगा.

न्याय व्यवस्था में भरोसा बहाल करना- CJI

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि इस पहल का मकसद न्याय व्यवस्था में जनता का भरोसा फिर से कायम करना है. इसके लिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि पुराने मामलों पर लगातार ध्यान दिया जाए.

CJI ने रविवार को कहा, ‘न्यायपालिका की सबसे बड़ी जिम्मेदारी सिर्फ मुकदमों का फैसला करना नहीं है, बल्कि उन्हें ऐसे समय में निपटाना है जिससे कानून के शासन में नागरिकों का भरोसा बना रहे. हर पुराने लंबित मामले के पीछे एक ऐसा व्यक्ति होता है जिसने मामले के निपटारे के लिए कई सालों, और कभी-कभी दशकों तक इंतजार किया होता है. किसी मामले के पुराने होने की वजह से उसे लगातार नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है. सबसे पुराने दीवानी और आपराधिक मामलों की सुनवाई के लिए खास बेंच बनाकर, सुप्रीम कोर्ट एक ऐसी व्यवस्था बनाना चाहता है जिसमें लंबे समय से लंबित मुकदमों पर लगातार और बिना किसी रुकावट के न्यायिक ध्यान दिया जाए.’

विज्ञापन

जस्टिस कांत ने कहा कि हर पुराना मामला जो अपने नतीजे तक पहुंचता है, वह न्याय व्यवस्था की विश्वसनीयता को मजबूत करता है.

बनाई गई चार खास बेंच

13 जुलाई से लागू होने वाले नए रोस्टर नोटिफिकेशन के अनुसार, जस्टिस पीके मिश्रा और जस्टिस एसवीएन भट्टी की अध्यक्षता वाली दो डिवीजन बेंच, नॉन-मिसलेनियस दिनों यानी मंगलवार, बुधवार और गुरुवार को खास तौर पर सबसे पुराने सिविल मामलों की सुनवाई करेंगी. इसी तरह, जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की अध्यक्षता वाली दो अन्य डिवीजन बेंच उन्हीं दिनों में सबसे पुराने क्रिमिनल मामलों की सुनवाई करेंगी.

विज्ञापन

नोटिफिकेशन में कहा गया है कि माननीय जस्टिस पी.के. मिश्रा और माननीय जस्टिस एस.वी.एन. भट्टी की अध्यक्षता वाली दो डिवीजन बेंच, नॉन-मिसलेनियस दिनों में खास तौर पर सबसे पुराने सिविल मामलों को देखेंगी. माननीय जस्टिस मनोज मिश्रा और माननीय जस्टिस उज्ज्वल भुयान की अध्यक्षता वाली दो डिवीजन बेंच, नॉन-मिसलेनियस दिनों में खास तौर पर सबसे पुराने क्रिमिनल मामलों को देखेंगी.

इस मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि चार बेंचों में से हर एक के लिए लगभग 200 सबसे पुराने मामलों की पहचान की गई है. यानी कुल मिलाकर करीब 800 पुराने मामले हैं जिन पर अब खास तौर पर ध्यान दिया जाएगा.

विज्ञापन

यह पहल CJI कांत द्वारा किए गए शुरुआती बड़े प्रशासनिक सुधारों में से एक है. यह पहल उनके उस मकसद के अनुरूप है जिसमें वे कामचलाऊ निपटान अभियानों के बजाय टारगेटेड न्यायिक प्रबंधन (Targeted Judicial Management) के जरिए लंबित मामलों की समस्या को हल करना चाहते हैं.

यह भी पढ़ें- डोनाल्ड ट्रंप के करीबी सीनेटर लिंडसे ग्राहम का अचानक निधन, कभी भारत को दी थी 500% टैरिफ की धमकी

विज्ञापन

लंबित मामलों की चुनौती

नेशनल ज्यूडिशियल डेटा ग्रिड (NJDG) के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट में अभी 95,911 मामले लंबित हैं, जिनमें 74,145 सिविल और 21,766 क्रिमिनल मामले शामिल हैं. इनमें से 37,826 मामले (लगभग 39.4%) एक साल से कम पुराने हैं, जिससे पता चलता है कि लंबित मामलों के बड़े हिस्से में ऐसे पुराने मामले शामिल हैं जिन पर अभी फैसला होना बाकी है.

उम्मीद है कि चार स्पेशल बेंच हर हफ्ते तीन दिन सिर्फ इन्हीं पुराने मामलों पर ध्यान देंगी.

विज्ञापन

न्यायमूर्ति कांत ने अदालतों में बढ़ते लंबित मामलों की समस्या से निपटने के लिए सुधारों को अपनाने पर बार-बार जोर दिया है, इसलिए रोस्टर में यह बदलाव अहम है. इससे ठीक एक दिन पहले, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ आर्बिट्रेशन एंड मीडिएशन (IIAM) की सिल्वर जुबली के उद्घाटन समारोह में CJI ने कहा था कि भारत में लंबित मामलों के संकट का समाधान सिर्फ अदालती फैसलों से नहीं किया जा सकता है.

उन्होंने कहा, ‘अभी भारतीय अदालतों में पांच करोड़ से ज्यादा मामले लंबित हैं, चाहे कोई भी न्यायिक व्यवस्था हो और उसमें कितने भी संसाधन क्यों न हों, वह अकेले इतने बड़े पैमाने पर लंबित मामलों के बोझ को नहीं निपटा सकती. इसे आंशिक रूप से अदालत के बाहर सुलझाना होगा.’

विज्ञापन

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Versha Singh

वर्षा स‍िंह News 24 ड‍िजिटल में बतौर सीन‍ियर सब एड‍िटर के पद पर कार्यरत हैं. वर्षा को ड‍िजिटल मीड‍िया में 6 साल से अधि‍क का अनुभव है. राष्‍ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और समसमाय‍िक व‍िषयों पर वर्षा की अच्‍छी पकड़ है. इसके अलावा राजनीत‍िक, क्राइम और ट्रेंडिंग खबरें भी ल‍िखती हैं. वर्षा ने मास्टर इन न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी की पढ़ाई माखन लाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी, भोपाल से की है और जर्नलिज्म एवं मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री लखनऊ विश्वविद्यालय से प्राप्त की है. वर्षा अपने करियर में Jagran New Media, Asia News International (ANI) और ETV Bharat जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुकी हैं. उन्हें हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में लेखन और समसामयिक घटनाओं, राजनीति, हाइपरलोकल खबरों और मानवीय रुचि से जुड़ी कहानियों को डिजिटल दर्शकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का अनुभव है.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola