देश के महत्वपूर्ण और अति-संवेदनशील सरकारी प्रतिष्ठानों की सुरक्षा में विशेषज्ञ केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) को अब विदेश मंत्रालय के मुख्यालय सुषमा स्वराज भवन की सुरक्षा का दायित्व भी सौंप दिया गया है. CISF को औपचारिक रूप से विदेश मंत्रालय परिसर में शामिल कर लिया गया है, जहां 90 जवान 24 घंटे सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालेंगे. इस तैनाती के साथ ही CISF अब विदेश मंत्रालय के मेन हेडक्वार्टर और उससे जुड़े परिसर की संपूर्ण सुरक्षा व्यवस्था का संचालन करेगी. केंद्र सरकार ने मंत्रालय की सुरक्षा को और ज्यादा मजबूत बनाने के उद्देश्य से ये महत्वपूर्ण कदम उठाया है.
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CISF की क्या है जिम्मेदारी?
CISF देश के कई महत्वपूर्ण सरकारी भवनों, हवाई अड्डों, मेट्रो नेटवर्क, परमाणु एवं रणनीतिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा का जिम्मा संभालती है. सुरक्षा प्रबंधन और संवेदनशील परिसरों की निगरानी में इसके अनुभव को देखते हुए विदेश मंत्रालय मुख्यालय की सुरक्षा भी अब इसके हवाले की गई है. इस अवसर पर सुषमा स्वराज भवन में सीआईएसएफ कोट का उद्घाटन किया गया. उद्घाटन कार्यक्रम में विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव तरुण कुमार (आईपीएस), सीआईएसएफ के उप महानिरीक्षक जी. शिवकुमार (आईपीएस), सुरक्षा ब्यूरो के निदेशक कर्नल मनोज यादव तथा कमांडेंट नीरज कुमार मौजूद रहे. कार्यक्रम में सीआईएसएफ के वरिष्ठ अधिकारियों और विदेश मंत्रालय प्रबंधन के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया. अधिकारियों ने कहा कि इस नई व्यवस्था से मंत्रालय की सुरक्षा प्रणाली और अधिक प्रभावी तथा सुदृढ़ होगी.
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