एयरपोर्ट सुरक्षा, इंडस्ट्रियल सुरक्षा या फिर संसद सुरक्षा की बात करें तो 24 घंटे सीआईएसएफ जवान से लेकर अफसर तक सुरक्षा में तैनात रहते है. इसके अलावा जब देश के अलग-अलग राज्यों में चुनाव हो वहां भी यह अर्धसैनिक बल अहम भूमिका निभाता है. हाल ही बंगाल में हुए विधानसभा चुनाव में भी सीआईएसएफ ने बड़ी कुशलता के साथ ड्यूटी निभाई थी.

एक रिपोर्ट के मुताबिक, लगातार ड्यूटी करने के कारण सीआईएसएफ कर्मी मानसिक तौर पर थकते जा रहे है, इस अवसाद से निकालने के लिए सीआईएसएफ ने एक बड़ा फैसला लिया है. अब सीआईएसएफ कमांडो के दिमाग को भी सुपर पावर बनाने की तैयारी शुरू हो गई है. तनाव, डर, थकान और मानसिक दबाव से लड़ने के लिए सीआईएसएफ ने ऐसा कदम उठाया है, जो जवानों को अंदर से भी पूरी तरह से पत्थर की तरह मजबूत कर देगा.

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सीआईएसएफ ने बताया कि कमांडो की मेंटल पावर को बढ़ाना, स्ट्रेस को कंट्रोल करने के अलावा उन्हें इमोशनल तरीके से इन्हें इतना स्ट्रांग करना है कि किसी भी हालात में उनका मोरल हिल नहीं पाए. इसके लिए आध्यात्मिक हार्टफुलनेस संस्थान के साथ पांच साल के लिए एक बड़ी डील की गई है. इसका मकसद अर्धसैनिक बलों की जिंदगी जो बेहद कठिन होती है उसे आसान बनाना है. क्योंकि ये महीनों तक घर से दूर रहते हैं, हर वक्त अलर्ट मोड में ड्यूटी करना और लगातार खतरे के बीच काम करते रहने से इनकी मेंटल हेल्थ पर बुरा प्रभाव पड़ता है. इस डील के तहत देशभर में मेडिटेशन वर्कशॉप, मानसिक मजबूती के ट्रेनिंग कैंप और एक्टिव सेशन आयोजित किए जाएंगे.

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इस सेंटर में अर्धसैनिक बलों को कुछ खास तकनीक सिखाई जाएगी कि कैसे मुश्किल से मुश्किल हालात में भी बेहद ही गंभीर रहकर कंट्रोल किया जा सके. इन कैंपों में सिर्फ जवान ही नहीं, जवान की फैमिली को भी ट्रेनिंग लेने के लिए बुलाया जाएगा.

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