केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के जवान की त्वरित और सतर्क कार्रवाई से आरआरटीएस (RRTS) सराय काले खां स्टेशन पर बच्चा चोरी और मानव तस्करी का एक संदिग्ध प्रयास विफल हो गया. सुरक्षाकर्मी ने एक पुरुष और एक महिला के चंगुल से 7 साल के बच्चे को सुरक्षित बचा लिया, जो उसे जबरन अपने साथ ले जाने की कोशिश कर रहे थे.

बता दें, NCR के ट्रांजिट हब अक्सर मानव तस्करी गिरोहों के निशाने पर रहते हैं. ये गिरोह कमजोर और बेसहारा बच्चों को जबरन भीख मांगने, बाल श्रम या दूसरे शोषण के लिए दूसरे राज्यों में ले जाने की फिराक में रहते हैं. स्टेशन के सुरक्षाकर्मियों की इस सक्रिय सतर्कता ने एक संभावित अपराध को रोकने और बच्चे को तस्करी के नेटवर्क में गायब होने से बचाने में अहम भूमिका निभाई है.

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सीआईएसएफ के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि सीआईएसएफ के सीसीटीवी ऑब्जर्वर कांस्टेबल/जीडी कुलदीप ने एक पुरुष और महिला को एक लगातार रोते हुए बच्चे के साथ जाते हुए देखा. बच्चा चोरी से जुड़े संदिग्ध व्यवहार को भांपते हुए सीआईएसएफ जवान ने तुरंत उन्हें रोक लिया. पूछताछ के दौरान 7 साल के बच्चे ने अपना नाम बंटी बताया और साफ तौर पर कहा कि ये लोग उसे जबरदस्ती अपने साथ ले जा रहे हैं.

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22 साल की संदिग्ध महिला मध्य प्रदेश के दमोह जिले की रहने वाली है. वहीं, रेस्क्यू किया गया बच्चा सराय काले खां स्थित रैन बसेरे का रहने वाला है.

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स्टेशन के शिफ्ट इंचार्ज और एससीआर कंट्रोलर ने तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दी. इसके बाद सराय काले खां पुलिस चौकी से अधिकारियों की एक टीम मौके पर पहुंची.

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शुरुआती पूछताछ के बाद, अपहरण के इस प्रयास की आपराधिक जांच और आगे की वैधानिक कार्रवाई के लिए संदिग्धों को आधिकारिक तौर पर स्थानीय पुलिस को सौंप दिया गया. बच्चे के परिजनों से संपर्क किया गया और उसे सकुशल उनके सुपुर्द कर दिया गया.

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(NCRTC) के प्रबंध निदेशक ने कांस्टेबल/जीडी कुलदीप के इस सराहनीय काम को आधिकारिक तौर पर सराहना की है. उनकी समय रहते दिखाई गई सतर्कता और त्वरित कार्रवाई ने एक गंभीर घटना को टाल दिया. यह प्रयास न केवल एक मासूम बच्चे की सुरक्षा सुनिश्चित करता है, बल्कि यात्री सुरक्षा के प्रति सीआईएसएफ की अटूट प्रतिबद्धता का भी उदाहरण है.