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चाबहार पोर्ट प्रोजेक्ट को झटका, ट्रंप की धमकियों के चलते फंड़िंग पर रोक! बजट में नहीं मिली फूटी कौड़ी

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज देश का बजट पेश किया. इस बजट में वित्त मंत्री ने कई बड़े-बड़े ऐलान किए, लेकिन पहली बार बजट में चाबहार बंदरगाह का जिक्र तक नहीं हुआ. खबरों के अनुसार, ऐसा कहा जा रहा है कि अमेरिकी प्रतिबंधों और ट्रंप प्रशासन की कड़ी धमकियों के बीच भारत ने चाबहार बंदरगाह परियोजना के लिए बड़ा फैसला लिया है.

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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज देश का बजट पेश किया. इस बजट में वित्त मंत्री ने कई बड़े-बड़े ऐलान किए, लेकिन पहली बार बजट में चाबहार बंदरगाह का जिक्र तक नहीं हुआ. खबरों के अनुसार, ऐसा कहा जा रहा है कि अमेरिकी प्रतिबंधों और ट्रंप प्रशासन की कड़ी धमकियों के बीच भारत ने चाबहार बंदरगाह परियोजना के लिए बड़ा फैसला लिया है. केंद्रीय बजट 2026-27 में इस रणनीतिक प्रोजेक्ट के लिए शून्य धनराशि आवंटित की गई है.

गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों से भारत इस परियोजना पर हर साल करीब 100 करोड़ रुपये खर्च कर रहा था, क्योंकि भारत चाबहार बंदरगाह के विकास में प्रमुख साझेदार है. पिछले साल सितंबर में अमेरिका ने ईरान पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए थे, लेकिन चाबहार परियोजना के लिए भारत को छह महीने की छूच (वेवर) दी गई थी, जो 26 अप्रैल 2026 को समाप्त हो रही है. वहीं, विदेश प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पिछले महीने कहा था कि भारत इस मुद्दे पर अमेरिका के साथ बातचीत कर रहा है.

ट्रंप प्रशासन की ओर से ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त शु्ल्क (टैरिफ) लगाने की धमकी के बाद भारत इस परियोजना से जुड़े विकल्पों पर विचार कर रहा है. मिली जानकारी के अनुसार, भारत और ईरान मिलकर चाबहार बंदरगाह का विकास कर रहे हैं, ताकि कनेक्टिविटी और व्यापार पहले से ज्यादा बढ़े. दोनों देश इसे अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे (INSTC) का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने के लिए काम कर रहे हैं.

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ईरान से कारोबार पर 25% टैरिफ की धमकी

इस बीच अमेरिका यह भी धमकी दे चुका है कि ईरान से व्यापार करने वाले देशों पर वह अतिरिक्त 25% की टैरिफ लगा देगा. भारत ट्रंप के इस रवैए का खामियाजा रूस के मामले में पहले से ही भुगत रहा (50% टैरिफ) है. ऐसे में भारत ने जिस तरह से चाबहार पोर्ट की फंडिंग रोकी है, उससे यही संकेत मिलता है कि वह फिलहाल इस प्रोजेक्ट पर खुलकर आगे बढ़ने की नहीं सोच रहा. हालांकि, आधिकारिक तौर पर भारत अभी भी इस प्रोजेक्ट का हिस्सा बना हुआ है.

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लेखक के बारे में

Versha Singh

वर्षा स‍िंह News 24 ड‍िजिटल में बतौर सीन‍ियर सब एड‍िटर के पद पर कार्यरत हैं. वर्षा को ड‍िजिटल मीड‍िया में 6 साल से अधि‍क का अनुभव है. राष्‍ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और समसमाय‍िक व‍िषयों पर वर्षा की अच्‍छी पकड़ है. इसके अलावा राजनीत‍िक, क्राइम और ट्रेंडिंग खबरें भी ल‍िखती हैं. वर्षा ने मास्टर इन न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी की पढ़ाई माखन लाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी, भोपाल से की है और जर्नलिज्म एवं मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री लखनऊ विश्वविद्यालय से प्राप्त की है. वर्षा अपने करियर में Jagran New Media, Asia News International (ANI) और ETV Bharat जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुकी हैं. उन्हें हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में लेखन और समसामयिक घटनाओं, राजनीति, हाइपरलोकल खबरों और मानवीय रुचि से जुड़ी कहानियों को डिजिटल दर्शकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का अनुभव है.
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