Key Bills To Be Tabled In Parliament On 3rd August 2026: केंद्र सरकार सोमवार, 3 अगस्त 2026 को संसद में कई जरूरी बिल पेश कर सकती है. इसमें फॉरेन कंट्रीब्यूशन (रेगुलेशन) एक्ट (FCRA) अमेंडमेंट बिल भी शामिल है, जिस पर काफी राजनीतिक बहस हुई है. ये विधेयक सबसे पहले 25 मार्च को लोकसभा में पेश किया गया था, लेकिन विपक्षी पार्टियों और सिविल सोसाइटी ग्रुप्स के एतराज के बाद इस पर विचार-विमर्श टाल दिया गया था. इसके अलावा इंडियन स्टैटिस्टिकल इंस्टीट्यूट बिल 2026 और बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल 2026 भी पेश किया जा सकता है.
बिल का हो रहा विरोध
प्रपोज्ड FCRA अमेंडमेंट की राजनीतिक पार्टियों, चर्च संगठनों और एनजीओ ने आलोचना की है. एक बड़ी चिंता उस प्रोविजन से जुड़ी है जो केंद्र को उन संगठनों के फंड और एसेट्स को मैनेज करने के लिए एक डेजिग्नेटेड अथॉरिटी नियुक्त करने की इजाजत देता है जिनका FCRA रजिस्ट्रेशन कैंसल हो गया है, सरेंडर कर दिया गया है या एक्सपायर हो गया है. सरकार ने इस प्रस्ताव का बचाव करते हुए कहा है कि इसका मकसद विदेशी फंड के गलत इस्तेमाल और गैर-कानूनी कामों को रोकना है, जबकि आलोचकों का कहना है कि इससे वॉलंटरी संगठनों पर सरकारी कंट्रोल बढ़ सकता है.
गृह मंत्री ने ली सलाह
बिल के पेश होने की उम्मीद से पहले, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला और सीनियर मंत्रियों के साथ सलाह-मशविरा किया. कैथोलिक बिशप्स कॉन्फ्रेंस ऑफ़ इंडिया (CBCI) ने भी सरकार से प्रस्तावित बदलावों पर फिर से विचार करने और बड़े स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन करने की अपील की है.
FCRA अमेंडमेंट बिल 2026 क्या है?
ये बिल फॉरेन कंट्रीब्यूशन (रेगुलेशन) एक्ट में बदलाव को प्रपोज करता है, जो ये कंट्रोल करता है कि NGOs, एसोसिएशन और चैरिटेबल ऑर्गनाइजेशन विदेशी डोनेशन कैसे लेते हैं और उसका इस्तेमाल कैसे करते हैं. इन बदलावों में विदेशी फंड वाले ऑर्गनाइजेशन की कड़ी मॉनिटरिंग की मांग की गई है और अगर उनका FCRA रजिस्ट्रेशन खत्म हो जाता है तो उनके एसेट्स को मैनेज करने के प्रोविजन शामिल हैं.
इंडियन स्टैटिस्टिकल इंस्टीट्यूट बिल 2026 क्या है?
इस बिल का मकसद इंडियन स्टैटिस्टिकल इंस्टीट्यूट (ISI) के लिए एक नया लीगल फ्रेमवर्क देना है. इससे इंस्टीट्यूट के गवर्नेंस, एडमिनिस्ट्रेशन और एकेडमिक स्ट्रक्चर को मॉडर्नाइज करने और स्टैटिस्टिकल रिसर्च, एजुकेशन और डेटा साइंस में इसकी भूमिका को मजबूत करने की उम्मीद है.
बैंकर्स बुक्स एविडेंस बिल 2026 क्या है?
प्रस्तावित कानून कोर्ट में बैंकिंग रिकॉर्ड की एडमिशनिबिलिटी को कंट्रोल करने वाले पुराने प्रोविजन को बदलने की कोशिश करता है. इसका मकसद डिजिटल बैंकिंग रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों को पहचानना है, जिससे कानूनी प्रक्रियाएं मॉडर्न बैंकिंग तरीकों के साथ ज्यादा कम्पैटिबल हो सकें.
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