Modi Cabinet Decisions: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और वैश्विक उथल-पुथल के बीच आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट की अहम बैठक हुई. इस बैठक में सरकार ने देश के किसानों और औद्योगिक क्षेत्र के लिए चार बेहद महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं. सरकार का सबसे बड़ा फोकस किसानों की आय बढ़ाने और ऊर्जा के क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने पर रहा. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि कैबिनेट बैठक में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और भारत पर इसके संभावित आर्थिक असर की भी समीक्षा की गई. सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह सप्लाई चेन और कच्चे तेल की कीमतों पर पैनी नजर बनाए हुए है ताकि आम जनता पर इसका बोझ न पड़े.

किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी: MSP में इजाफा

त्योहारी सीजन और बुवाई के समय से पहले सरकार ने अन्नदाताओं को बड़ी राहत दी है. कैबिनेट ने 14 खरीफ फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) बढ़ाने को मंजूरी दे दी है. अधिकारियों ने कहा कि इस कदम से देश भर के लाखों किसानों को लाभ होगा और लगभग 26 लाख करोड़ रुपये का भुगतान होने का अनुमान है। आधिकारिक बयान के अनुसार, सूरजमुखी के बीज के एमएसपी में सबसे अधिक 622 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि हुई है। कपास की कीमतों में 557 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि हुई, जबकि नाइजरसीड और तिल की कीमतों में भी भारी बढ़ोतरी हुई है। केंद्र सरकार को उम्मीद है कि इस सीजन में कुल खरीद लगभग 824.41 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच जाएगी।

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कोयला क्षेत्र के लिए 37,000 करोड़ का बूस्टर डोज

ऊर्जा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने 'कोल गैसीफिकेशन' के लिए 37,000 करोड़ रुपये की बड़ी योजना को हरी झंडी दिखाई है. इस प्रोजेक्ट के जरिए कोयले को गैस में बदला जाएगा, जिसका उपयोग यूरिया उत्पादन और ऊर्जा की जरूरतों के लिए होगा. इससे न केवल प्रदूषण कम होगा, बल्कि भारत को नेचुरल गैस के आयात पर अपनी निर्भरता कम करने में भी मदद मिलेगी. सरकार आगामी वर्षों में लगभग 3 लाख करोड़ रुपये के अनुमानित निवेश के साथ लगभग 7.5 करोड़ टन कोयले का गैसीकरण करने की योजना बना रही है। अधिकारियों ने कहा कि यह कदम महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत अभी भी बड़ी मात्रा में एलएनजी, अमोनिया, मेथनॉल और यूरिया का आयात करता है।

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134 किलोमीटर की नई रेल लाइन

मंत्रिमंडल ने गुजरात में 20,667 करोड़ रुपये की लागत से सरखेज-धोलेरा अर्ध-उच्च गति वाली दोहरी लाइन रेलवे परियोजना को भी मंजूरी दी. 20,667 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना न केवल सफर को आसान बनाएगी, बल्कि इलाके की तस्वीर भी बदल देगी. इस प्रोजेक्ट के तहत सरखेज और धोलेरा के बीच लगभग 134 किलोमीटर लंबी दोहरी रेलवे लाइन बिछाई जाएगी. सरकार का लक्ष्य है कि इस काम को 2030-31 तक पूरा कर लिया जाए.

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अधिकारियों ने बताया कि रेल लाइन से अहमदाबाद, धोलेरा हवाई अड्डे और लोथल राष्ट्रीय समुद्री धरोहर परिसर के बीच संपर्क बेहतर होगा. इस परियोजना से लगभग 284 गांवों और करीब पांच लाख लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है. सरकार ने इसे स्वदेशी रूप से विकसित तकनीक पर आधारित भारत की पहली सेमी हाई-स्पीड रेलवे परियोजना बताया.

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नागपुर हवाई अड्डे का होगा कायाकल्प

मध्य भारत के सबसे महत्वपूर्ण शहर नागपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के विस्तार और आधुनिकीकरण की बड़ी योजना को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है. इस फैसले के बाद अब नागपुर एयरपोर्ट को एक विश्व स्तरीय विमानन और माल ढुलाई केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा. सरकार का इरादा इस हवाई अड्डे की क्षमता को इतना बढ़ाना है कि यह हर साल करीब 3 करोड़ यात्रियों को संभालने में सक्षम हो सके. इसके लिए कैबिनेट ने भारतीय विमानन प्राधिकरण (AAI) के भूमि पट्टे के विस्तार को भी मंजूरी दे दी है, ताकि भविष्य में होने वाले निर्माण कार्यों में कोई रुकावट न आए.

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