केंद्र सरकार ने जनगणना 2027 के दूसरे चरण का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. दूसरे फेज में जनगणना केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख, जम्मू-कश्मीर के बर्फबारी वाले पहाड़ी इलाकों के अलावा हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बर्फबारी वाले पहाड़ी इलाकों में होगी. नोटिफिकेशन के अनुसार, 17 से 31 अगस्त तक इन चारों राज्यों के लिए ‘सेल्फ एन्युमेरेशन’ कर सकेंगे. उसके बाद 1 सितंबर से 30 सितंबर तक घर-घर जाकर जनगणना की जाएगी. 1 अक्टूबर से 5 अक्टूबर 2026 तक रिवीजन राउंड चलेगा. 1 अक्टूबर 2026 की रात 12 बजे तक जनगणना का रेफ्रेंस फेज चलेगा.
Census 2027: क्या है ‘सेल्फ-एन्युमरेशन’ सुविधा? 5.72 लाख से ज्यादा परिवारों ने ऑनलाइन उठाया लाभ
जनगणना के दूसरे फेज में ली जाएगी ये डिटेल
जनगणना के दूसरे चरण में घर-घर जाकर ‘जनसंख्या गणना’ की जाएगी जनगणना का सबसे अहम और दूसरा चरण है. इसके तहत अधिकारी घर-घर जाकर देश के हर नागरिक और परिवार की डिटेल कलेक्ट करेंगे. इस डिटेल में भारतीय नागरिक का नाम, उम्र, लिंग, बर्थ डेट, जन्मस्थान, जाति, वैवाहिक स्थिति, धर्म, भाषा, शिक्षा, रोजगार, आधार कार्ड (स्वैच्छिक) जैसी व्यक्तिगत और सामाजिक जानकारियां जुटाई जाएंगी. जाति की डिटेल बिना प्रमाण-पत्र के ली जाएगी और वहीं 1931 के बाद पहली बार देश में जातिगत जगणना होगी. जल्द ही दूसरे फेज में जनगणना के तहत पूछे जाने वालें प्रश्नों की सूची नोटिफाई की जाएगी.
बिना प्रमाण-पत्र दर्ज होगी जाति की जानकारी
जनगणना के दूसरे फेज में जाति पूछी जाएगी और जो बताई जाएगी, वही रिकॉर्ड में दर्ज होगी. इसके लिए जाति प्रमाण-पत्र या किसी अन्य डॉक्यूमेंट की जरूरत नहीं पड़ेगी. अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए ड्रॉप-डाउन मेन्यू होगा, जो उसकी राज्य की SC/ST कास्ट की लिस्ट शो करेगा, जहां जनगणना हो रही है. जाति की स्पेलिंग भी वही दर्ज होगी, जो बताई जाएगी. साल 2011 की सामाजिक-आर्थिक जातिगत जनगणना में 45000 से ज्यादा जातियों का रिकॉर्ड मिला था. लेकिन इस बार डिजिटल टूल्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से डेटा कलेक्ट किया जाएगा.
Census 2027: जनगणना के दौरान आपका पर्सनल डाटा कितना सेफ? मिल गया जवाब
माता-पिता के जन्म की तारीख और स्थान पूछेंगे
बता दें कि जनगणना के दूसरे चरण में पहली बार माता-पिता के जन्म की तारीख और जन्म का स्थान भी पूछा जाएगा. इसे नागरिकता तय होगी. वहीं जन्म की तारीख और जन्म के स्थान की वेरिफिकेशन के लिए कोई डॉक्यूमेंट या प्रमाण-पत्र नहीं देना होगा. व्यक्ति जो बताएगा, वही दर्ज किया जाएगा. अगर किसी को जन्म की सहीं तारीख नहीं पता है या सिर्फ साल याद है तो 1 जनवरी को बर्थ डेट माना जाएगा. इसके अलावा पासपोर्ट और आधार नंबर की डिटेल भी पूछी जाएगी, लेकिन यह जानकारी देनी है या नहीं देनी है, इसका फैसला पूरी तरह से बताने वाले शख्स का होगा.
संबंधित खबरें
मणिपुर के कुकी-नगा समूहों में फिर भड़की हिंसा, फूंक दिए कई घर, 5 की मौत
32 mins agoप्रदर्शनकारियों की हिरासत को सुप्रीम कोर्ट में दी गई चुनौती, कल होगी सुनवाई
43 mins agoसवाल पूछना ही आपकी असली ताकत, राहुल गांधी ने छात्रों को दिया सफलता का मंत्र
1 hr ago'CEC के इस्तीफे तक जारी रहेगा प्रदर्शन...', CJP ने किया बड़ा ऐलान
1 hr agoइंटरनेट बंद..., CJP प्रोटेस्ट ने कैसे बढ़ाई ट्रेन पैसेंजर्स की टेंशन?
2 hrs agoरात 10 बजे तक बंद रहेंगे दिल्ली मेट्रो के 45 स्टेशन, बढ़ाई गई समयसीमा
2 hrs ago'धांधली हुई तो सबूत दो', 124 पूर्व IAS-IFS अफसरों ने SIR को ठहराया सही
2 hrs agoकौन हैं 'अंग्रेज' ज्यां द्रेज? पुलिस भी नहीं रोक पाई जंतर-मंतर जाने से
3 hrs ago'जितनी मर्जी पुलिस बुला लो, हम नहीं डरेंगे...', राहुल गांधी की चुनौती
3 hrs agoभारतीय पायलट स्मित मच्छार पर हुए हमले की जांच करेगी NIA
4 hrs agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines