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CEC ज्ञानेश कुमार की Z+ सिक्योरिटी हुई अपग्रेड, विपक्ष के प्रदर्शन के बीच सरकार का अहम फैसला

What Z+ Security Cover Mean: भारत के चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार को पहले से ही ‘जेड प्लस’ सिक्योरिटी मिली हुई है, लेकिन हाल के जंतर-मंतर के पास हो रहे प्रदर्शन को लेकर सीईसी के सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं.

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चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार (Photo-PTI)

CEC Gyanesh Kumar’s Z+ Security Upgraded: वोटर लिस्ट के ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविजन’ को लेकर हो रहे विरोध-प्रदर्शनों के बीच केंद्र सरकार ने चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार की ‘जेड प्लस’ सिक्योरिटी और ज्यादा अपग्रेड कर दिया है. सूत्रों के हवाले से खबर है कि उनके दिल्ली वाले आवास, चुनाव आयोग के मुख्यालय और उनकी पर्सनल सिक्योरिटी टीम में अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं. ये कदम दिल्ली में CEC के घर के पास हुए प्रदर्शनों और आगरा में उनके पुश्तैनी घर के पास हुए एक अलग विरोध-प्रदर्शन के बाद उठाया गया है. प्रदर्शनकारियों की तरफ उनके घर का पता लगाने में कामयाब होने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने सिचुएशन को फिर से एनालाइज किया.

CEC के घर के आसपास बढ़ाई गई सुरक्षा

विरोध-प्रदर्शनों के बाद नई मोती बाग स्थित कुमार के घर पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है. इलाके में पुलिस की गाड़ियां और सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं, साथ ही आने-जाने वालों की जांच भी कड़ी कर दी गई है. कॉलोनी के पास पैरामिलिट्री फोर्स के जवान भी तैनात किए गए हैं, और कमांडो व पुलिस की टीमें चौबीसों घंटे वहां मौजूद रहती हैं. इंडियन यूथ कांग्रेस ने 27 सितंबर को कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए उनके घर के पास विरोध-प्रदर्शन किया था.

यह भी पढ़ें- CJP के 10 अक्टूबर वाले प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस ने बढ़ाई निगरानी, 2800 अपराधियों को किया ट्रैक

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Z+ सिक्योरिटी कवर का क्या मतलब है?

Z+ सुरक्षा उन लोगों को दी जाने वाली सबसे हाई लेवल की सिक्योरिटी में से एक है जिन्हें सुरक्षा का बड़ा खतरा होता है. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक हाल के अपग्रेड से पहले ही कुमार को Z+ सुरक्षा मिली हुई थी. इस सिक्योरिटी कवर में आम तौर पर 55 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी शामिल होते हैं, जो सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (CAPF) और दिल्ली पुलिस से लिए जाते हैं. इसमें क्लोज-प्रोटेक्शन टीमें, पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर, हथियारबंद गार्ड और सुरक्षित व्यक्ति के आसपास निगरानी रखने वाले कर्मी शामिल हो सकते हैं. सिक्योरिटी कवर का सटीक कंपोजीशन सुरक्षा एजेंसियों की तरफ से किए गए खतरे के असेसमेंट पर डिपेंड करता है. सुरक्षाकर्मी वीआईपी की घर पर, ट्रैवल के दौरान और सार्वजनिक कार्यक्रमों में सुरक्षा दे सकते हैं.

ECI हेडक्वार्टर में भी सुरक्षा बढ़ाई गई

अशोक रोड स्थित ECI हेडक्वार्टर ‘निर्वाचन सदन’ में भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. खबर है कि CISF के जवानों ने कैंपस के अंदर, खासकर एंट्री और एग्जिट पॉइंट और परिसर के आसपास अपनी मौजूदगी बढ़ा दी है. मुख्यालय के बाहर भी सुरक्षा की कड़ी स्थिति को देखते हुए CRPF, रैपिड एक्शन फोर्स और दिल्ली पुलिस के जवानों को तैनात किया गया है.

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लेखक के बारे में

Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 डिजिटल में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. मुख्य तौर पर वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरें लिखते हैं. शारिकुल ने 2008 में दूरदर्शन में बतौर इंटर्न अपनी शुरुआत की, इसके बाद वह दैनिक जागरण, टीवी टुडे नेटवर्क, जनसंदेश, श्री न्यूज़, भारत खबर, स्पोर्ट्सकीड़ा, WION और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. उन्होंने 3 लोकसभा चुनाव और कई विधानसभा चुनाव से लेकर देश की बड़ी घटनाओं को कवर किया है. अपने डेढ़ दशक के मीडिया करियर में शारिकुल ने देश की राजनीति, इंटरनेशनल डिप्लोमेसी, खेलकूद से जुड़ी घटनाओं की अच्छी समझ हासिल की है. कितने साल का तजुर्बा: 16 साल शिक्षा: शारिकुल ने बैंगलोर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.
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