CBSE बोर्ड के बीते दिन हुए मैथ्स पेपर के प्रश्नपत्र में QR कोड स्कैन करते ही यूटयूब लिंक खुलने की शिकायतों पर बोर्ड ने आज प्रेस रिलीज जारी कर स्पष्ट किया कि प्रश्नपत्र 100% असली हैं और परीक्षा की सुरक्षा में कोई चूक नहीं हुई है. प्रेस रिलीज में बताया गया कि QR कोड में विषय, परीक्षा तारीख, सेट नंबर और प्रिंटिंग बैच जैसी ट्रैकिंग जानकारी छिपी होती है. 2018 में अर्थशास्त्र और गणित पेपर लीक होने के बाद यह फीचर 2019 से शुरू किया गया था, ताकि पेपर लीक जैसी घटनाओं पर नजर रखी जा सके.
बोर्ड ने माना कि कुछ सेट में QR कोड स्कैन करने पर यूट्यूब वीडियो खुल रहा था, जिससे भ्रम हुआ, लेकिन इससे पेपर की प्रामाणिकता या परीक्षा की निष्पक्षता पर कोई असर नहीं पड़ा. CBSE ने कहा - मामले को गंभीरता से लिया गया है और भविष्य में ऐसी गड़बड़ी न हो, इसके लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे.

सोशल मीडिया पर छाया मीम्स का तूफान

परीक्षा खत्म होते ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे X (Twitter), Instagram, Reddit पर प्रश्नपत्र की तस्वीरें और वीडियो वायरल हो गए. नेटिजन्स ने इस पर मजेदार कमेंट्स करना शुरू कर दिया. एक यूजर ने लिखा: 'भाई ने फेल होने का सबसे शानदार तरीका चुना है.' दूसरे ने कहा: 'टीचर भी कॉपी चेक करते समय यह गाना गुनगुनाने लगेगा.' वहीं कुछ यूजर्स ने इसे समय की बर्बादी बताते हुए कहा कि बोर्ड परीक्षा में ऐसी हरकतें भारी पड़ सकती हैं.

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छात्रों ने दावा किया कि QR कोड स्कैन करने पर कोई ऑफिशियल जानकारी नहीं, बल्कि रिक एस्ली का 1987 का हिट गाना प्ले हो रहा है. एक यूजर ने लिखा - 'आज के एपिसोड में देखिए हमारी परीक्षा आयोजित करने वाली अथॉरिटी कितनी सीरियस है - CBSE क्लास 12 मैथ्स पेपर का QR कोड रिक्रॉल सॉन्ग खोल रहा है!

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