पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को राजनीतिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCPA) मीटिंग हुई, जिसमें देश में जाति जनगणना कराने का निर्णय लिया गया। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसकी जानकारी दी। सूत्रों के अनुसार, केंद्र मोदी सरकार ने जाति जनगणना की तैयारी शुरू कर दी है। आइए जानते हैं कि कैसे कराई जाएगी जाति जनगणना?
सूत्रों के मुताबिक, इस बार जनगणना में टेक्नोलॉजी का भरपूर इस्तेमाल होगा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीकी का इस्तेमाल किया जाएगा।जनगणना को डिजिटल रखा जाएगा, ताकि कोई कमी न रहे। जियोफेंसिंग के जरिए जनगणना कराई जाएगी, जिसे उस गांव और मोहल्ला में जाकर ही भरा जा सकेगा, जहां जनगणना करना संभव होगा। लगभग 30 प्रश्न होंगे, जो जनगणना के दौरान लोगों से पूछे जाएंगे।
जाति जनगणना में OBC के लिए होंगे अलग कॉलम
जाति जनगणना में ओबीसी के लिए अलग से कॉलम बनाया जाएगा। अब तक सिर्फ एससी/एसटी का ही कॉलम होता था। साथ ही ओबीसी की उपजाति के कॉलम पर भी विचार चल रहा है। जाति जनगणना के जरिए सामाजिक और आर्थिक स्थिति तय की जाएगी। अधिकारियों के लिए जल्द ट्रेनिंग कैंप भी लगाए जाएंगे।
जनगणना के फॉर्म में इस तरह के प्रश्न हो सकते हैं मसलन
1. क्या आपके पास रहने को घर है?
2. घर पक्का है या घर कच्चा है?
3. घर में बिजली का कनेक्शन है?
4. घर में गैस कनेक्शन है या नहीं?
5. घर की मालिक या मुखिया स्त्री है या पुरुष?
6. घर में कितने बच्चे हैं?
7. घर के स्वामी और आश्रितों का शैक्षणिक योग्यता क्या है?
9. बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ रहे हैं या प्राइवेट स्कूल में?
10. घर में टेलीफोन/इंटरनेट है या नहीं है?
11. घर में कोई गाड़ी है या नहीं?
12.गाड़ी है तो साइकिल है, टू व्हीलर है या फोर व्हीलर?