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कैप्टन अंशुमन की विधवा का पलटवार; जानें स्मृति ने सास-ससुर के आरोपों पर क्या कहा?

Smriti Reaction on Allegations: कैप्टन अंशुमन सिंह की पत्नी स्मृति ने सास-ससुर के आरोपों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पलटवार किया है। स्मृति के पिता का बयान भी सामने आया है। आइए जानते हैं कि आखिर बाप-बेटी ने ससुरालियों को आरोपों पर क्या कहा?

स्मृति पर उनके ससुरालियों ने छोड़कर चले जाने का आरोप लगाया है।
Captain Anshuman Singh Wife Smriti Reaction: कैप्टन अंशुमन सिंह के मां-बाप ने अपनी बहू स्मृति पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं अब इन आरोपों पर स्मृति सिंह की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने सास-ससुर पर पलटवार किया है। सास-ससुर के आरोप लगाने के बाद जब पत्रकारों ने स्मृति से सवाल पूछे तो उनके विचार जानने चाहे तो स्मृति ने कहा कि जो जैसा सोचता है, वह वैसा ही बोलता है। स्मृति ने कहा कि वह अभी शहर से बाहर हैं। इसलिए सास-ससुर के आरोपों पर लौटकर आने के बाद बात करेंगे। स्मृति के पिता राजेश सैनी ने भी बेटी के सास-ससुर द्वारा लगाए गए आरोपों पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि स्मृति अभी शहर में नहीं है। जब वह वापस आएगी, तब अपनी बात रखेगी। मामले में सिर्फ वहीं चीजें स्पष्ट करेगी और असलियत जल्दी ही सभी के सामने आ जाएगी।  

स्मृति पर सास-ससुर ने क्या आरोप लगाए?

कैप्टन अंशुमन के पिता रवि प्रताप सिंह ने आरोप लगाया है कि स्मृति सिर्फ 5 महीने ससुराल में रही। अंशुमन का अंतिम संस्कार होने के बाद वह अपने मायके चली गई, जो गुरदासपुर के दीनानगर में है। आज तक वह वापस ससुराल नहीं आई, एक साल होने वाला है। फोन करते हैं तो वह बात नहीं करती। अपने साथ वह अंशुमन का सारा सामान और डॉक्यूमेंट ले गई है। उसने सभी दस्तावेजों पर एड्रेस भी बदलवा लिया है। अंशुमन के मां-बाप के हिस्से तो सिर्फ बेइज्जती और अकेलापन आया। मुआवजे में मिले पैसे, इंश्योरेंस क्लेम की रकम, कीर्ति चक्र मेडल तक वह अपने साथ ले गई। बेटे का मेडल उसकी फोटो पर लगाने तक के लिए हमें नहीं मिला। उसने एक बार भी अंशुमन के बुजुर्ग मां-बाप के बारे में नहीं सोचा। अंशुमन चला गया तो बहू भी छोड़ गई। अंशुमन की कोई निशानी भी नहीं है। अंशुमन और उसके परिवार का नाम मिटने की कगार पर है। वहीं अंशुमन की मां मंजू सिंह का कहना है कि बहुओं के बारे में लोग जो कहते हैं, सच कहते हैं। स्मृति भी उन्हीं बहुओं जैसी निकली।    


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