बजट पर मध्य प्रदेश के डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा का बयान आया है। उन्होंने कहा है कि भारत की झलक इस बजट में दिखाई दी। इसके साथ ही 5 ट्रिलियन डॉलर का जो लक्ष्य रखा है…इस अंतिम बजट में दिखाई दे रहा है। 2047 तक भारत को नंबर वन बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अंतरिम बजट पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि यह भाजपा का विदाई बजट है। अखिलेश ने कहा कि कोई भी बजट अगर विकास के लिए नहीं है तो वह व्यर्थ है।
वित्त मंत्री निर्मला सीमारमण ने कहा कि कॉरपोरेट टैक्स घटाकर 22 फीसदी तक किया है। जिससे कॉरपोरेट जगत को फायदा हुआ है।
इस बार 2.4 गुना ज्यादा लोगों ने टैक्स भरा है। 15 लाख से ऊपर आय पर 30 फीसदी तक टैक्स लगेगा। तीन लाख रुपये तक सालाना आय पर कोई टैक्स नहीं।
10 साल में डायरेक्ट टैक्स में 3 गुना बढ़ोतरी हुई है। टैक्स देने वालों का धन्यवाद। 2024 तक वित्तीय घाटे को 5.8 फीसदी करने की योजना है।
2025 तक वित्तीय घाटे को 5.1 फीसदी करने की योजना। इनकम टैक्स में कोई बदलाव नहीं। स्टार्ट अप के लिए टैक्स छूट 1 साल और बढ़ाई गई।
5 सालों में कर दाता सेवाओं में सुधार हुआ है। अनुमान के मुताबिक राज्य कोषीय घाटा जीडीपी का 5.8 फीसदी है।
10 सालों में एयरपोर्ट की संख्या दोगुनी की है। बुनियादी ढांचागत विकास पर पहले से 11 फीसदी ज्यादा खर्च किया।
7 लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं है। टैक्स स्लैब पर निर्मला सीतारमण की घोषणा।
आशा, आंगनबाड़ी वर्कर आयुष्मान में आएंगे। रेलवे और समुद्र मार्ग को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।पवन ऊर्जा के विकास पर जोर दिया जा रहा है।
राज्यों को ब्याजमुक्त लोन देंगे। सरकार उद्योगों को बढ़ावा दे रही है। सी-फुड का निर्यात दो गुना हुआ। इलेक्ट्रिक गाड़ियों को बढ़ावा दिया जाएगा।
41 हजार डिब्बे वंदे भारत के तहत चलाए गए। लक्ष्यदीप के विकास को बढ़ावा देंगे। जनसंख्या नियंत्रण के लिए कमेटी गठित होगी।
1 करोड़ घर में सौर ऊर्जा का लक्ष्य रखा गया है। 300 यूनिट फ्री का लक्ष्य
तीन प्रमुख रेल कॉरिडोर बनाए जाने की योजना है।
50 लाख रोजगार बढ़ाने का लक्ष्य है। इसके अलावा निर्यात को दो गुना किया जाएगा।
10 सालों में विमानन क्षेत्रों का कायाकल्प किया गया।
इकोनॉमिक कॉरिडोर को दुनिया याद करेगी। तीन ऐसे कॉरिडोर बनाए गए।
पीएम योजना के तहत 70 फीसदी घर महिलाओं को दिए गए।
सरकार का अगले 3 करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य है।
सरकार की योजना के बाद 1 करोड़ महिलाएं लखपति दीदी बनीं