केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारण ने 1 फरवरी 2026 को बजट पेश किया. इस बजट में क्रेंद सरकार ने 2026-27 में निजी इस्तेमाल के लिए आयातित सामानों पर प्रशुल्क दर (Duty Rate) को घटा दिया है. मिली जानकारी के अनुसार, अब इसे घटा कर 10 प्रतिशत कर दिया गया है. दरअसल, अक्सर लोग देश से बाहर दूसरे देशों से अपने खुद के इस्तेमाल के लिए महंगे इलेक्ट्रॉनिक्स, फैशन प्रोडक्ट्स, उपकरण और दूसरी वस्तुएं लाना पसंद करते हैं.
वहीं, भारत में दूसरे देशों से इन सामानों को लाने केलिए प्रशुल्क दर (Duty Rate) देना होता है. लेकिन अब सरकार द्वारा उठाए गए कदम के बाद उपभोक्ताओं के लिए सस्ती खरीदारी को और ज्यादा बढ़ावा मिलेगा. कम शुल्क से अब उपभोक्ताओं की जेब पर कम असर पड़ेगा जिससे उनकी खरीद क्षमता बढ़ेगी.
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विदेशों से सामान लाना होगा आसान
अभी तक निजी इस्तेमाल के लिए विदेश से लाए जाने वाले सामानों पर 20% शुल्क लगाया जाता था. इससे उच्च मूल्य वाली वस्तुएं आम लोगों के लिए और महंगी हो जाती थीं. अब इस शुल्क को घटाकर आधा करने से उपभोक्ताओं पर खरीदारी का बोझ कम होगा और वे आसान से विदेश से जरूरी या आकर्षक वस्तुएं ला पाएंगे.
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घरेलू उद्योग को न पहुंचे नुकसान
सरकार ने यह भी ध्यान रखा है कि इस कदम से घरेलू उद्योग को नुकसान न पहुंचे. बजट में कई दूसरे उपायों के माध्यम से मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने पर फोकस किया गया है, ताकि स्थानीय उत्पादन और रोजगार पर भी सकारात्मक असर पड़े. आयात शुल्क में कमी के बावजूद, घरेलू उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति को बनाए रखने के लिए सरकार सरल स्पष्ट नीतियां लागू होंगी.