'मनुस्मृति का अपमान करना अपराध...', जानें BJP नेता राम माधव ने अंबेडकर-संविधान पर क्या कहा?

बीजेपी नेता राम माधव ने संविधान और अंबेडकर पर जारी बहस के बीच बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा अंबेडकर भी मनुस्मृति का सम्मान करते थे। यह एक नैतिक कोड था, जिसे हमारे ऋषि और संतों ने लिखा था।

BJP RSS Leader Ram Madhav

BJP RSS Leader Ram Madhav

विज्ञापन

जयपुर से केजे श्रीवत्सन् की रिपोर्ट।

BJP RSS Leader Ram Madhav: भाजपा नेता राम माधव ने मनु स्मृति और संविधान पर चल रही बहस के बीच अपनी राय रखी है। रविवार को उन्होंने कहा आजकल फैशन हो गया है, एक हाथ में संविधान को पकड़ो और दूसरे हाथ में मनुस्मृति को पकड़ो और फिर बोलो अंबेडकर जी का अपमान हो रहा है। ऐसे लोगों ने इन तीनों को ही नहीं पढ़ा है। हिंदुस्तान में पहले 130 स्मृतियां होती थीं, जिन्हें संत-ऋषियों ने बनाया था। यह एक नैतिक कोड होता था, मनु स्मृति का अपमान करना अपराध है। खुद अंबेडकर जी मनु स्मृति का सम्मान करते थे। मनु स्मृति में महिलाओं को एक चौथाई हिस्से का अधिकार था।

Advertisment

राम माधव ने कहा हमें यूनाइटेड भारत बनाना होगा। हमने धारा 370 जैसी तोड़ने वाली चीजों को समाप्त किया। एके एंटनी ने लोकसभा में बताया था 2010 से 2013 तक चीन ने 600 बार भारत की जमीन पर हमला किया था, लेकिन आज हालात अलग है। लद्दाख में हमारी सेना 4 साल चीन के आमने-सामने रही। पहली बार चीन को अपने सैनिक निर्माण को तोड़ना पड़ा।

हम विश्वामित्र नहीं, विश्व मित्र बनकर रहेंगे

विश्व के नेता आज मोदीजी से हाथ मिला रहे हैं। आज भारत दुनिया की 5वीं बड़ी अर्थव्यवस्था है। तीसरे स्थान पर 2027 तक आ जाएंगे। जितना सम्मान आज हमारे पीएम को मिल रहा है, वैसा कभी मिलता नहीं था। बीजेपी नेता ने कहा हम विश्वामित्र नहीं, विश्व मित्र बनकर रहेंगे। हम शक्ति भी रखते हैं और संयम भी।

विज्ञापन

बता दें कि देश में संविधान और अंबेडकर को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर हमले बोल रहा है। संविधान पर बहस के दौरान राज्यसभा में गृह मंत्री अमित शाह के बयान के बाद विपक्ष लगातार उनसे माफी की मांग कर रहा है। संसद में प्रदर्शन के दौरान हुई धक्कामुक्की में बीजेपी के दो सांसद घायल हो गए थे। फिलहाल देश में अंबेडकर और संविधान को लेकर सियासत चरम पर है।

विज्ञापन

Get Breaking News First and Latest Updates from India and around the world on News24. Follow News24 on Facebook, Twitter.

First published on:

Read more: About our editorial guidelines and standards here.

लेख समाप्त
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ