रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में विपक्षी गठबंधन की महारैली के बाद बीजेपी ने करारा जवाब दिया. पार्टी के सांसद संबित पात्रा ने इंडिया गठबंधन पर पलटवार करते हुए कहा कि रैली में आने वाले वो 10 लाख लोग कहां थे, मैदान का बड़ा हिस्सा तो खाली पड़ा था. उन्होंने आगे कहा, ”इस तरह के हथकंडों से कोई नेता या प्रधानमंत्री नहीं बन जाता. PM का मतलब सिर्फ ‘प्राइम मिनिस्टर’ नहीं है. यहां P का मतलब पसीना है और M का मतलब मेहनत है. एक प्रधानमंत्री पसीने और मेहनत से बनता है. इतने सारे दलों और झंडों को एक साथ लाने के बावजूद, वो 10 लाख लोगों को इकट्ठा नहीं कर पाए.”
‘2024 में ज्ञानेश कुमार CEC नहीं थे’
बीजेपी सांसद ने आगे कहा, ”राहुल गांधी का कहना है कि 2024 का चुनाव अवैध था. 2024 के चुनाव के समय तो ज्ञानेश कुमार वहां थे ही नहीं. वो 2025 में चुनाव आयुक्त बने. अगर 2024 का चुनाव अवैध था, तो राहुल गांधी भी एक अवैध ‘नेता प्रतिपक्ष’ हैं और उनके सभी सांसद भी अवैध हैं. अगर कोई चुनाव अवैध है, तो उसे कोर्ट में चुनौती दें. राहुल गांधी, कांग्रेस या INDIA गठबंधन की किसी भी पार्टी ने 2024 के चुनाव को चुनौती देने वाली कोई एक भी याचिका है तो मुझे दिखाएं. आप ढाई साल बाद रामलीला मैदान में खड़े होकर किसी चुनाव को अवैध घोषित नहीं कर सकते.”
‘ये अराजकता का तमाशा है’
संबित पात्रा ने तंज कसते हुए कहा, ”भारत आपके अब्बू जान का नहीं है राहुल गांधी. भारत यहां के लोगों का है. इस लोकतंत्र में एक चाय बेचने वाला भी प्रधानमंत्री बन सकता है और एक आम इंसान गृह मंत्री बन सकता है. यही बात आपको परेशान करती है. राहुल गांधी ना तो शिव हैं और ना ही वो अराजकता, जिसमें आप भारत को धकेलना चाहते हैं, कोई ‘शिव जी की बारात’ है. ये शिव जी की बारात नहीं है, बल्कि सिर्फ अराजकता का एक तमाशा है.”