बिहार के पटना में भारत बंद के दौरान प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज के दौरान एक अजीब वाकया सामने आया। दरअसल बंद समर्थकों पर लाठीचार्ज के दौरान पटना सदर के एसडीओ श्रीकांत कुंडलिकर अपने ही जवान की लाठी का शिकार हो गए। जवान ने एसडीओ पर ही लाठी चला दी। मौके पर मौजूद अन्य पुलिस कर्मियों ने जवान को तुरंत पकड़ लिया।
एससी-एसटी आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले के खिलाफ भारत बंद बुलाए जाने को लेकर जालंधर में दलित जातियों में दो फाड़ देखने को मिल रहा है। दरअसल, एक ओर बसपा कार्यकर्ताओं द्वारा वडाला चौक, पठानकोट चौक और गुरु रविदास चौक पर धरना लगाया गया, जिसके चलते राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं वाल्मीकि समुदाय ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया गया है।
वाल्मीकि समुदाय ने नगर निगम दफ्तर के बाहर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए लड्डू बांटे हैं। इसकी कुछ वीडियो भी सामने आई है, जहां वाल्मीकि समुदाय एक-दूसरे का और राहगीरों का मुंह मीठा करवा रहे हैं। दूसरी ओर बाजारों में भी बंद का असर नहीं देखने को मिला है। रोजाना की तरह दुकानदारों द्वारा आज भी दुकानें खोली गई हैं, जबकि प्राइवेट स्कूलों में आज छुट्टी का ऐलान किया गया है और सरकारी स्कूल खुले हुए हैं।
आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति द्वारा सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में और एससी/एसटी आरक्षण को वापस लेने की मांग को लेकर भारत बंद की घोषणा करने पर केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा, “सुप्रीम कोर्ट का जो निर्णय आया है उसके दो भाग हैं। एक विषय क्रीमी लेयर का है और दूसरा अनुसूचित जाति के उप-वर्गीकरण का… जब SC-ST के सांसदों को ऐसा लगा कि विपक्ष भ्रम फैला रहा है तो उसके लिए उन्होंने 9 अगस्त को प्रधानमंत्री को ज्ञापन दिया। प्रधानमंत्री ने कैबिनेट में फैसला करके कहा कि क्रीमी लेयर इस फैसले में लागू नहीं है और न ही इस फैसले का भाग है… दूसरा हिस्सा दिशा का है जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर राज्य चाहें तो वे उप-वर्गीकरण कर सकते हैं… विपक्ष के लोग अनावश्यक रूप से इस विषय पर भ्रम फैला रहे हैं… SC-ST और OBC के हितों की प्रधानमंत्री मोदी लगातार रक्षा करते आ रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे।”
एससी/एसटी आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में आज हो रहे देशव्यापी भारत बंद को लेकर केंद्रीय मंत्री जयंत सिंह चौधरी ने कहा, “सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी थी, इसके बाद कानून मंत्री ने संसद में इसपर स्पष्टीकरण भी दे दिया। कैबिनेट ने भी अपनी राय साफ कर दी है तो अब कुछ और नहीं बचा है…”
झारखंड के रांची में आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति ने एससी/एसटी आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में और इसे वापस लेने की मांग को लेकर भारत बंद का आह्वान करते हुए प्रदर्शन किया। बंद समर्थकों ने सड़क पर आगजनी करके अपनी आवाज उठाई।
एससी/एसटी आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में आज हो रहे देशव्यापी भारत बंद को लेकर केंद्रीय मंत्री जयंत सिंह चौधरी ने कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी थी, इसके बाद कानून मंत्री ने संसद में इसपर स्पष्टीकरण भी दे दिया। कैबिनेट ने भी अपनी राय साफ कर दी है तो अब कुछ और नहीं बचा है…’
राजस्थान के जयपुर में आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में भारत बंद की घोषणा की। विरोध प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
देश भर में दलित संगठनों के आह्वान पर भारत बंद का असर बिजनौर में भी दिखा है। एससी-एसटी आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ बुलाए गए भारत बंद को राजनीतिक संगठनों ने भी समर्थन दिया है। इसी क्रम में बिजनौर में भी भारत बंद को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। एसपी अभिषेक झा खुद सड़कों पर उतर चुके हैं। जिला मुख्यालय के चप्पे-चप्पे पर पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है। पुलिस द्वारा ड्रोन कैमरों की मदद से जिला मुख्यालय पर नजर रखी जा रही है।
पटना में भारत बंद समर्थकों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया है। लाठीचार्ज के साथ ही पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा है। इसके साथ ही दरभंगा, हाजीपुर सहित बिहार के 15 से ज्यादा जिलों में बंद का जबरदस्त असर देखा गया है। चिराग पासवान और राष्ट्रीय जनता दल के समर्थन का बंद पर बड़ा असर हुआ है। बिहार में हाइवे जाम, सड़क पर आगजनी और ट्रेनें रोके जाने की घटनाएं देखने को मिली हैं।
गुजरात के सुरेन्द्र नगर जिले के बढ़वान में भारत बंद के दौरान मालगाड़ी को रोका गया। शहर के बड़सर फाटक के पास आंदोलनकारियों ने मालगाड़ी को रोक दिया गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आंदोलनकारी को समझाने का प्रयास कर रही है। स्थानीय नेता प्रदर्शन कर नारेबाजी कर रहे हैं। वहीं प्रशासन की कोशिश है कि सरकारी संपत्ति को नुकसान ना हो।
सांसद पप्पू यादव ने अपने समर्थकों के साथ बुधवार को भारत बंद के दिन पूर्णिया बंद कराया। इस दौरान हजारों की संख्या में कार्यकर्ता उनके साथ मौजूद थे। पप्पू यादव बाबा साहब अंबेडकर के संविधान और जय भीम के नारे लगाते रहे। उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि देश की जनता ने आज स्वतः ही भारत बंद का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र में अब नौकरी नहीं बची है और वहां आरक्षण भी नहीं है। साजिश के तहत सरकार ने आरक्षण को खत्म करने की योजना बना रखी है। पप्पू यादव ने कहा कि अब ना आरक्षण होगा ना परीक्षा होगी, यानी कुछ लोग अधिकारियों का चयन करेंगे। ऐसी व्यवस्था का पप्पू यादव विरोध करता है। उन्होंने कहा कि केंद्र में मंत्री बन बैठे जीतन राम मांझी, चिराग पासवान, चंद्रबाबू नायडु जैसे नेताओं को इस दिशा में पहल करनी चाहिए और नहीं मानने पर समर्थन वापस ले लेना चाहिए।
एससी-एसटी आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले को लेकर आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति द्वारा किए गए ‘भारत बंद’ पर महाराष्ट्र कांग्रेस विधायक और कांग्रेस के एससी विभाग के पूर्व अध्यक्ष नितिन राउत ने कहा कि जब देश में संविधान बदलने की भाषा बोली जा रही है। केंद्र सरकार, भाजपा और आरएसएस ने एससी-एसटी समुदाय में ‘फूट डालो और राज करो’ की भूमिका निभाई है। यह आरएसएस का छिपा हुआ एजेंडा था और यह सरकार उस एजेंडे को लागू कर रही है। इसलिए भारत बंद बुलाया गया है।
भारत बंद को लेकर जोधपुर के जालोरी गेट पर हजारों लोगों की भीड़ ने किया प्रदर्शन। शांतिपूर्ण तरीके से निकाला मार्च।
बिहार के अररिया में भी भारत बंद का असर देखा जा रहा है। अररिया में सुबह-सुबह भीम आर्मी और आरक्षण बचाओ मुहिम के लोगों द्वारा विभिन्न चौक चौराहों पर बंद कराते हुए देखा गया। इस दौरान कई बार लोगों से झड़प भी हुई है। अररिया के रानीगंज में भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने नेशनल हाइवे को जाम कर दिया और केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। बंद समर्थकों ने सड़क के बीच में ट्रैक्टर खड़ा कर दिया, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। बंद के कारण रास्ते में गाड़ियों की लंबी कतार लग गई जिससे राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
आरक्षण के मुद्दे को लेकर भारत बंद का असर सीतामढ़ी में भी देखने को मिल रहा है। शहर में सुबह से भीम सेना और आरक्षण बचाओ मुहिम के लोगों द्वारा विभिन्न चौक चौराहा पर दुकानों को बंद कराते हुए देखा गया। इस दौरान कई बार लोगों से झड़प भी हुई। शहर के किरण चौक, मेहसौल चौक, कारगिल चौक में बंद का असर देखा गया। इन जगहों पर बंद समर्थकों ने टायर जलाकर सड़क जाम कर दिया। बंद समर्थकों ने कहा कि सरकार साजिश के तहत आरक्षण को खत्म करना चाहती है। सरकार की इसी साजिश को रोकने के लिए भारत बंद कराया गया है। बंद समर्थकों ने मांग की कि आरक्षण को संविधान की 9वीं अनसूची में डाला जाए।
भारत बंद को लेकर विभिन्न दलित छात्र संगठनों के द्वारा पटना सहित पूरे बिहार में प्रदर्शन किया जा रहा है। पटना के सुल्तानगंज थाना क्षेत्र के महेंद्रू इलाके में अम्बेडकर छात्रावास (थियोसोफिकल छात्रावास) के सामने में छात्र और दलित नेता सड़कों पर उतर आए। छात्रों ने सड़क आगजनी की और रोड जाम कर दिया। बंद समर्थकों के जत्थे ने अशोक राजपथ पर दुकानों को बंद करवाया और आगजनी की। इसके अलावा बिहार के अलग-अलग जिलों में सुबह से ही प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर गए। जहानाबाद, वैशाली, नवादा, शेखपुरा, औरंगाबाद, आरा और छपरा में सुबह से ही बंद समर्थकों ने नेशनल हाइवे जाम कर दिया। सड़कों पर टायर जला यातायात ठप कर दिया।
भारत बंद के समर्थन में जहाँ कई राजनीतिक पार्टियां है, वहीं विरोध में भी कई पार्टियां हैं। भारत बंद के समर्थन में मायावती की बीएसपी, चिराग पासवान की लोजपा और लालू यादव की आरजेडी, मुकेश सहनी की वीआईपी, चंद्रशेखर की आजाद समाज पार्टी हैं, जबकि विरोध में जीतन राम मांझी की हिंदुस्तान आवाम मोर्चा है। पूरा मामला समझने के लिए देखें ये वीडियो
छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भारत बंद को लेकर ट्वीट किया है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने लिखा कि कुत्सित राजनीति हो रही है। देश को अराजकता में झोंकने का षड्यंत्र। जब केंद्र सरकार ने अपनी राय स्पष्ट कर दी है कि ST-SC आरक्षण में क्रीमी लेयर लागू नहीं होगा – तब 21 अगस्त 2024 को भारत बंद के आह्वान का औचित्य क्या है?
राजस्थान में भारत बंद के मुद्दे पर दलित जातियों में दो फाड़ देखने को मिल रही है। एससी-एसटी संघर्ष समिति राजस्थान के बैनर तले वाल्मीकि समाज, नट समाज, बावरी समाज, कालबेलिया समाज, कंजर समाज, धानका समाज और सपेरा समाज समेत 30 जातियों ने भारत बंद का विरोध किया है। संघर्ष समिति ने बंद के खिलाफ जयपुर कलेक्ट्रेट को ज्ञापन भी सौंपा है। वाल्मीकि समाज संस्था के अध्यक्ष दीपक डंडोरिया ने कहा कि भारत बंद का वाल्मीकि समाज पूर्ण रूप से बहिष्कार करता है और यह मांग करता है कि राजस्थान सरकार इस फैसले को तुरंत लागू करे।
भारत बंद के बीच अखिलेश यादव ने आरक्षण के मुद्दे पर ट्वीट किया है। समाजवादी पार्टी के नेता ने लिखा कि ‘बाबा साहब भीमराव अंबेडकर जी ने पहले ही आगाह किया था कि संविधान तभी कारगर साबित होगा जब उसको लागू करनेवालों की मंशा सही होगी। सत्तासीन सरकारें ही जब धोखाधड़ी, घपलों-घोटालों से संविधान और संविधान द्वारा दिये गये अधिकारों के साथ खिलवाड़ करेंगी तो जनता को सड़कों पर उतरना ही होगा। जन-आंदोलन बेलगाम सरकार पर लगाम लगाते हैं।’
हालांकि अखिलेश यादव के ट्वीट में कहीं भी भारत बंद का जिक्र नहीं है।
आरक्षण की रक्षा के लिए जन-आंदोलन एक सकारात्मक प्रयास है। ये शोषित-वंचित के बीच चेतना का नया संचार करेगा और आरक्षण से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ के ख़िलाफ़ जन शक्ति का एक कवच साबित होगा। शांतिपूर्ण आंदोलन लोकतांत्रिक अधिकार होता है।
बाबा साहब भीमराव अंबेडकर जी ने पहले ही आगाह…
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) August 21, 2024