बेंगलुरु भगदड़ मामले से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। बेंगुलरु में हुई भगदड़ को लेकर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। हालांकि इसमें किसी को आरोपी नहीं बनाया गया है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि इस आयोजन की जिम्मेदारी किसकी थी? इस आयोजन में कौन शामिल था। क्या आरसीबी मैनेजमेंट की ओर से पुलिस को कोई सूचना नहीं दी गई थी? अगर आरसीबी ने पुलिस को कोई सूचना नहीं दी थी तो फिर पूरे शहर में इतनी भीड़ जमा हो गई और पुलिस क्या कर रही थी? ऐसे कई सवाल है जो इस समय मौजूद है। जिनका उत्तर फिलहाल कोई देता नजर नहीं आ रहा है। सरकार ने जांच कमेटी बनाने की बात की है, वहां से क्या निकलेगा ये तो भविष्य की बात है।
आईपीएल चेयरमैन से झाड़ा पल्ला
फिलहाल मारे गए लोगों के प्रति सरकार, आरसीबी मैनेजमेंट, आईपीएल काउंसिल सिर्फ संवेदनाएं जाहिर कर सकती है। सरकार ने फौरी राहत देते हुए मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। इस बीच आईपीएल के चेयरमैन अरुण कुमार धूमल का बयान भी सामने आया है। उन्होंने घटना पर शोक जताते हुए कहा कि जब हमें इसकी जानकारी मिली तो हमने आयोजकों से बात की। उन्होंने हमें कहा कि वे जल्द ही समारोह को समाप्त कर देंगे। यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण है।
इंडिया टुडे से बात करते हुए कहा धूमल ने कहा कि बीसीसीआई को घटना के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है। यह बेहद दर्दनाक और शर्मनाक है। बीसीसीआई के लिए आईपीएल गुरुवार रात को खत्म हो गया था। हमें किसी घटना के बारे में जानकारी नहीं है।
प्राथमिक तौर पर प्रशासन की जिम्मेदारी!
बता दें कि विक्ट्री परेड को लेकर बेंगलुरु पुलिस ने ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की थी। ऐसे में पुलिस को सुरक्षा के व्यापक इंतजाम करने थे। किसी भी घटना के बाद पुलिस या प्रशासन ये कैसे कह सकता है कि हमारे इंतजाम नाकाफी थे। जबकि दक्षिण क्रिकेट और फिल्म जगत में दर्शकों के लिए काफी मशहूर है। ऐसे में प्राथमिक तौर पर प्रशासन भी इस भगदड़ का जिम्मेदार है। इसके अलावा वे आला अधिकारी भी इसके लिए जिम्मेदार है जिन्होंने टीम मैनेजमेंट को विक्ट्री परेड की इजाजत दी।