Bengaluru: बेंगलुरू में एक दंपती ने अपने ऊपर पेट्रोल डाल लिया और दोनों जिंदा जलकर मरना चाहते थे। इसकी जानकारी पुलिस को मिली तो काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने दंपती को आखिरकार बचा लिया। जानकारी के मुताबिक, पुलिस इन दिनों शहर के ड्रेनेज को ब्लॉक करने वाले अवैध निर्माणों के खिलाफ डिमोलिशन ड्राइव चला रही है। दंपती के घर का कुछ हिस्सा अवैध निर्माण में आ रहा था जिसे गिराने के लिए टीम पहुंची थी।
बताया जा रहा है कि पेट्रोल छिड़कने से पहले दंपती बुलडोजर के सामने खड़ा हो गया था और कहा था कि अगर उनका घर गिराया गया तो वह खुद को आग लगा लेंगे। बीबीएमपी (ब्रुहाट बेंगलुरु महानगर पालिका) शहर के उत्तरपूर्वी हिस्से में अतिक्रमण हटाओ अभियान चला रहा है।
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बुधवार को डिमोलिशन ड्राइव शुरू होने के बाद सोना सेन और उसके पति सुनील सिंह बुलडोजर के आगे खड़े हो गए और कहा कि अगर बुलडोजर चलाया गया तो वे आत्मदाह कर लेंगे। इसके बाद वे अपने घर के बाहर दीवार से चिपक कर खड़े हो गए। सोना सेन के हाथ में इस दौरान पेट्रोल से भरा बोतल था।
पानी डालकर आत्मदाह करने से बचाया
आसपास के लोग और मौके पर मौजूद पुलिस की टीम दंपती से ऐसा न करने की अपील कर रही थी। इसी दौरान सोना सेन ने पेट्रोल अपने ऊपर डाल लिया। इसी दौरान पुलिसकर्मी वहां पीछे से पहुंचे और पानी डालकर महिला को आत्मदाह करने से पहले बचा लिया। इसके बाद दोनों को थाने ले जाया गया।
उधर, दंपती ने प्रशासन पर निशाना साधते हुए दावा किया कि उनके पास यह साबित करने के लिए दस्तावेज हैं कि उनका घर अवैध नहीं है। अधिकारियों ने कहा कि दंपति का घर उस क्षेत्र के छह घरों में से एक है जो आंशिक रूप से जल निकासी वाले नाले पर बनाया गया है।
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एग्जिक्यूटिव इंजीनियर ने दी ये जानकारी
नगर निगम के कार्यकारी अभियंता पम्पथी ने कहा कि हमने दंपती को बताया कि हम केवल उसी हिस्से को गिराएंगे जो आवश्यक है, लेकिन उन्होंने झुकने से इंकार कर दिया। इसके बाद हमने पुलिस और मार्शल की मदद से हमने तोड़फोड़ शुरू की। हमने उन्हें नोटिस जारी किया था।
बता दें कि पिछले महीने भारी बारिश के बाद कार्यालयों, कॉलोनियों में पानी भरने और शहर के बुनियादी ढांचों के प्रभावित होने के बाद पूरे बेंगलुरु में जल निकासी को अवरुद्ध करने वाली संरचनाओं को हटाया जा रहा है।
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