ऑकलैंड के कारोबारी बलतेज सिंह को एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी रैकेट का सरगना होने के आरोप में 22 साल जेल की सजा सुनाई गई है. न्यूजीलैंड में कारोबार की आड़ में इंटरनेशनल ड्रग्स नेटवर्क चलाने वाला बलतेज सिंह पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के हत्यारे सतवंत सिंह का भतीजा है. बलतेज ऑकलैंड में रहते हुए भारत, दुबई और अमेरिका से ड्रग्स मंगवाता था.

न्यूजीलैंड के मीडिया आउटलेट 'स्टफ' ने खुलासा किया कि 33 साल का यह शख्स सतवंत सिंह का भतीजा है; सतवंत सिंह उन दो अंगरक्षकों में से एक था, जिसने 1984 में भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या की थी.

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बता दें कि कोर्ट ने उसकी बात मानते हुए पुलिस, सरकार और मीडिया को उसका नाम उजागर न करने के निर्देश दिए थे. लेकिन उसकी पहचान भारत में पहले ही सार्वजनिक हो चुकी थी. न्यूजीलैंड में उसकी पहचान सार्वजनिक नहीं की गई थी. हालांकि अब खबर है कि उसने सुप्रीम कोर्ट में दायर अपनी याचिका वापस ले ली है. इसके बाद उसकी पहचान सार्वजनिक कर दी गई है.

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वहीं, पकड़े गए नशीले पदार्थों की अनुमानित कीमत NZ$36 मिलियन (लगभग 180 करोड़ रुपये) थी, और इनका पता तब चला जब न्यूजीलैंड के एक व्यक्ति की मौत हो गई. उस व्यक्ति ने ऐसी बीयर पी थी जिसमें 'मेथ' (meth) मिला हुआ था, और इस मेथ की तस्करी बलतेज ने की थी.

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बलतेज सिंह का तस्करी रैकेट

जांच कर रहे अधिकारियों को पता चला है कि सिंह ने कई देशों में फैला एक तस्करी का नेटवर्क चलाया, जिसमें भारत, कनाडा, अमेरिका और संयुक्त अरब अमीरात शामिल थे. जांच से बचने के लिए, मेथामफेटामाइन और उसके प्रीकर्सर केमिकल्स (जैसे एफेड्रिन) को आम इस्तेमाल की चीजों के अंदर छिपाकर रखा जाता था. इनमें भारत से मंगाया गया नारियल पानी, अमेरिका से आई कोम्बुचा की बोतलें और कनाडा से आई 'हनी बियर' की लगभग 30,000 कैन शामिल थीं.

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2021 और 2022 के बीच, ये खेप न्यूजीलैंड में दाखिल हुईं और साउथ ऑकलैंड में किराए पर ली गई एक इंडस्ट्रियल यूनिट में इन्हें प्रोसेस किया गया; यहीं पर लिक्विड मेथामफेटामाइन को निकालकर उसे क्रिस्टल के रूप में बदला गया, ताकि उसे स्थानीय स्तर पर बांटा जा सके.

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कैसे हुआ खुलासा?

इस ऑपरेशन का खुलासा मार्च 2023 में 21 साल के एडन सगाला की मौत के बाद हुआ. इस नौजवान ने अनजाने में एक दूषित 'हनी बियर' बीयर कैन से लिक्विड मेथामफेटामाइन पी लिया था, जो उसे उसके बॉस से तोहफे में मिली थी. उसकी मेडिकल रिपोर्ट से इस बात की पुष्टि हुई कि उसकी मौत ड्रग्स की भारी ओवरडोज़ के कारण हुई थी, क्योंकि उसके शरीर में मेथामफेटामाइन का स्तर 'बेहद ज्यादा' था.

हिम्मतजीत 'जिमी' सिंह कहलोन, जो दूषित कैन को प्रोसेस करने और बांटने में शामिल एक सह-आरोपी था, को बाद में गैर-इरादतन हत्या और सप्लाई के लिए मेथामफेटामाइन रखने का दोषी ठहराया गया. उसे 21 साल जेल की सजा सुनाई गई.

बलतेज की गिरफ्तारी और जांच

बलतेज सिंह को मार्च 2023 में ऑकलैंड हवाई अड्डे पर दुबई जाने वाली फ्लाइट में चढ़ने की कोशिश करते समय गिरफ्तार किया गया था. उसके पास से लगभग $10,000 नकद मिले. बाद में उसकी संपत्तियों और औद्योगिक इकाई की तलाशी में बड़ी मात्रा में तरल और क्रिस्टलीकृत मेथामफेटामाइन (लगभग 338 किलोग्राम ठोस और 428 किलोग्राम से ज्यादा तरल, जिसमें अनुमानित 260–340 किलोग्राम नशीला पदार्थ था) के साथ-साथ इस काम से जुड़े उपकरण और नकद भी बरामद हुए.

अदालत की कार्यवाही में यह बात सामने आई कि सिंह को आयात से जुड़ी लॉजिस्टिक्स की अच्छी समझ थी. उस पर मेथामफेटामाइन, एफेड्रिन और कोकीन के आयात सहित कई आरोप लगाए गए थे.

सिंह ने कई सालों तक अपना नाम छुपाए रखा था; उसने इसके पीछे यह तर्क दिया था कि इंदिरा गांधी की हत्या से जुड़े होने के कारण उसे और उसके परिवार को सुरक्षा का गंभीर खतरा है. बताया जाता है कि उनके परिवार को पहले भी धमकियां मिल चुकी हैं.

बलतेज ने कबूला जुर्म

STUFF मीडिया के अनुसार, बलतेज सिंह को पुलिस ने जब गिरफ्तार किया और कोर्ट के सामने बरामदगी रखी तो उसने कोर्ट में कबूल किया गया कि उसने 700 किलोग्राम से ज्यादा मेथामफेटामाइन अलग-अलग देशों से मंगवाया है. न्यूजीलैंड के इतिहास में अब तक इतनी बड़ी मात्रा में ड्रग कभी भी जब्त नहीं की गई.

22 साल की हुई कैद

बलतेज सिंह ने जब कोर्ट में अपना जुर्म कबूल किया तो अदालत ने उसे 2025 में 22 साल की सजा सुना दी. वो तब से न्यूजलैंड की जेल में है.

सिंथेटिक नशा है मेथामफेटामाइन

मेथामफेटामाइन एकसिंथेटिक नशा है. इसका इस्तेमाल करने से लत लग जाती है. इसे क्रिस्टल मेथ, आइस या स्पीड कहा जाता है. यह दिमाग में डोपामिन नाम के केमिकल को तेजी से बढ़ाती है और न्यूरो सिस्टम को उत्तेजित करती है और तेज ऊर्जा, जागरूकता और आनंद की भावना देती है.

मेथामफेटामाइन को लोग अलग-अलग तरीकों से लेते हैं जिसमें धूम्रपान, इंजेक्शन, स्नोर्टिंग और टैबलेट या कैप्सूल के रूप में लिया जाता है. इसके गंभीर शारीरिक और मानसिक दुष्परिणाम होते हैं. मेथामफेटामाइन बहुत जल्दी लत लगा देती है.