एक तरफ देश में ऑपेरशन सिंदूर की सफलता के एक साल पूरे होने पर जश्न मना रहा था तो वही इस जश्न को खून से रंगने की पूरी तैयारी मणिपुर में रची गई थी. असम राइफल्स ने मणिपुर के सेनापति जिले की मरनमेई पहाड़ी रेंज में खुफिया जानकारी के आधार पर एक ऑपरेशन चलाकर हथियारों और गोला-बारूद का जखीरा बरामद किया है. इस बड़ी सफलता में एके-47, एमपी-5, और अन्य स्वचालित हथियार शामिल हैं, जिनका मकसद क्षेत्र में शांति भंग करना हो सकता था.

इस ऑपरेशन मे 15 से अधिक हथियार, जिनमें एके-47 (1), MP-5 (1), .303 राइफल (1), .22 राइफल (2), लोकल मेड राइफलें, पिस्तौलें, और शॉटगन बरामद किए गए हैं. मणिपुर में हिंसा को देखते हुए सुरक्षाबलों की यह कार्रवाई बहुत अहम मानी जा रही है, क्योंकि यह हथियार स्थानीय संघर्ष को भड़काने के लिए रखे गए थे.

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ऑपरेशन 16 असम राइफल्स, आसम राइफल्स फॉर्मेशन इंटेलिजेंस यूनिट और 3 काउंटर इंटेलिजेंस ब्यूरो के इनपुट और लोकल सूत्रों से मिली अहम जानकारी के बाद यह ऑपेरशन शुरू किया गया था.

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हथियारों और गोला-बारूद के इतने बड़े जखीरे की बरामदगी को हम कदम माना जा रहा है. यह उन विद्रोही संगठन जो लगातार मणिपुर में हिंसा करने की कोशिश में रहते है के लिए एक बड़ा झटका है.

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इस अभियान के बाद असम रायफल्स ने आम लोगों से अपील की है कि कोई भी संदिग्ध दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल दी जाए, जिससे इलाके में शांति बनी रहे.

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