असम, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में एक ही चरण के तहत विधानसभा चुनाव के लिए आज वोट डाले जाएंगे. आज केरल की 140, असम की 126 और पुडुचेरी की 30 सीट यानी कुल 296 सीटों पर मतदान होगा. यह चुनाव न केवल क्षेत्रीय दलों के लिए अस्तित्व की लड़ाई है, बल्कि राष्ट्रीय दलों के लिए भी साख का सवाल है.
असम - भाजपा की 'हैट्रिक' बनाम कांग्रेस की वापसी
असम में चुनावी शोर थम चुका है और अब गेंद जनता के पाले में है. मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में एनडीए लगातार तीसरी बार सरकार बनाने के इरादे से मैदान में हैं. 2.5 करोड़ से अधिक मतदाताओं वाले इस राज्य में भाजपा अपने विकास और पहचान की राजनीति के भरोसे है.
---विज्ञापन---
दूसरी तरफ, कांग्रेस अपने प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई के नेतृत्व में छह दलों के गठबंधन के साथ वापसी की कोशिश कर रही है. इसमें अखिल गोगोई का रायजोर दल और असम जातीय परिषद जैसे क्षेत्रीय दल शामिल हैं. असम में इस बार 6.42 लाख युवा मतदाता अहम भूमिका निभा सकते हैं.
---विज्ञापन---
केरल - 'लाल किले' को बचाने की चुनौती
केरल में मुकाबला बेहद दिलचस्प है. मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के नेतृत्व वाला वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) इतिहास दोहराने की कोशिश में है. 2021 में एलडीएफ ने चार दशकों से चले आ रहे उस ट्रेंड को तोड़ा था, जिसमें सत्ता हर पांच साल में बदल जाती थी. CPI-M के नेतृत्व वाले LDF ने इससे पहले 1980, 1987, 1996, 2006, 2016 और फिर 2021 में चुनाव जीता था. साल 2021 में 40 साल में पहली बार हुआ था, जब कोई मौजूदा सरकार लगातार दो बार सत्ता में लौटी. यूडीएफ गठबंधन का गठन 1981 में हुआ था, और सरकार बनाई थी. और राष्ट्रपति शासन के कुछ समय बाद 1982 में सत्ता में वापस आ गया. तब से इस गठबंधन ने 1982, 1991, 2001 और 2011 में विधानसभा चुनाव जीता.
अब विजयन के सामने भारत के इस आखिरी 'लाल गढ़' को बचाने की चुनौती है.
विपक्ष में कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ है, जो एंटी-इंकंबेंसी और युवाओं के भरोसे सत्ता में वापसी की राह देख रहा है. केरल की एक खास बात यह है कि यहां महिला मतदाताओं की संख्या (1.39 करोड़) पुरुषों (1.32 करोड़) से ज्यादा है, जो चुनाव के नतीजों को किसी भी तरफ मोड़ सकती हैं.
पुडुचेरी - रंगास्वामी पर नजर
केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में 30 सीटों के लिए मुकाबला है. यहां एनडीए की कमान मुख्यमंत्री एन रंगास्वामी के हाथों में है. 76 वर्षीय रंगास्वामी अपने पांचवें कार्यकाल की तलाश में हैं. प्रशासनिक पकड़ और जनता के बीच सादगी के लिए जाने जाने वाले रंगास्वामी का मुकाबला कांग्रेस-द्रमुक गठबंधन से है. यहां करीब 9.44 लाख मतदाता वोट डालेंगे.
कब आएंगे नतीजे
उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला 4 मई को होगा. इसी दिन पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के चुनावी नतीजे भी घोषित किए जाएंगे. तमिलनाडु में 23 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान होगा. वहीं, इसी दिन पश्चिम बंगाल में पहले चरण के वोट डाले जाएंगे. वहीं, पश्चिम बंगाल में मतदान का दूसरा चरण 29 अप्रैल को है.