जीएसटी कलेक्शन के मामले में देश के एक छोटे से राज्य अरुणाचल प्रदेश ने लंबी छलांग लगाकर सबको हैरान कर दिया है. अरुणाचल प्रदेश ने जीएसटी रेवेन्यू ग्रोथ में पूरे देश में पहला स्थान हासिल कर लिया है जो एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है. अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के दौरान इस प्रदेश में जीएसटी कलेक्शन में 27.5 प्रतिशत की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है. यह आंकड़ा इसलिए भी चौंकाने वाला है क्योंकि यह राष्ट्रीय औसत 6.4 प्रतिशत से चार गुना से भी ज्यादा है. वित्त मंत्रालय द्वारा जारी ताजा आंकड़ों ने यह साफ कर दिया है कि पूर्वोत्तर का यह राज्य अब आर्थिक तरक्की की नई राह पर चल पड़ा है.

टैक्स कलेक्शन के आंकड़ों में दर्ज हुई भारी बढ़त

अरुणाचल प्रदेश में केंद्रीय और राज्य दोनों ही स्तरों पर टैक्स कलेक्शन में मजबूती देखी गई है. केंद्रीय स्तर पर यहाँ का जीएसटी कलेक्शन बढ़कर 526 करोड़ रुपये हो गया है जो पिछले साल 407 करोड़ रुपये था. अगर कुल जीएसटी कलेक्शन की बात करें तो यह 1,527 करोड़ रुपये तक पहुँच गया है जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 1,201 करोड़ रुपये ही था. इसका मतलब है कि एक साल के भीतर राज्य के खजाने में 326 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि जमा हुई है. सेंट्रल टैक्स कलेक्शन में जहाँ 29.4 प्रतिशत की बढ़त हुई है वहीं राज्य के टैक्स कलेक्शन में भी 26.5 प्रतिशत का इजाफा हुआ है जिसने इसे देश का अग्रणी राज्य बना दिया है.

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इंफ्रास्ट्रक्चर और बेहतर प्रशासन का दिखा असर

विस्तृत जानकारी के अनुसार साल 2025-26 में केंद्रीय ढांचे के तहत सीजीएसटी से 206 करोड़ रुपये और एसजीएसटी से 246 करोड़ रुपये इकट्ठा हुए हैं. पिछले साल के मुकाबले इन दोनों ही क्षेत्रों में बड़ा सुधार हुआ है जो राज्य की उभरती आर्थिक क्षमता को दर्शाता है. जानकारों का मानना है कि राज्य में हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और टैक्स प्रशासन में किए गए सुधारों की वजह से ही यह संभव हो पाया है. इन आंकड़ों में अभी आईजीएसटी सेटलमेंट को शामिल नहीं किया गया है जिसे जोड़ने पर कुल राजस्व का आंकड़ा और भी ज्यादा बढ़ सकता है. यह प्रदर्शन साबित करता है कि छोटा राज्य होने के बावजूद सही दिशा में काम करने से बड़े नतीजे मिल सकते हैं.

राष्ट्रीय औसत के मुकाबले अरुणाचल की तेज रफ्तार

राष्ट्रीय स्तर पर अगर देखा जाए तो साल 2025-26 के दौरान भारत का कुल घरेलू जीएसटी कलेक्शन 6.4 प्रतिशत बढ़कर 16,31,769 करोड़ रुपये रहा है. इस परिप्रेक्ष्य में अरुणाचल प्रदेश की 27.5 प्रतिशत की वृद्धि दर वाकई काबिले तारीफ है. दिल्ली, महाराष्ट्र और यूपी जैसे बड़े और औद्योगिक राज्यों के मुकाबले अरुणाचल की यह रफ्तार पूर्वोत्तर क्षेत्र में बढ़ती आर्थिक गति का बड़ा संकेत है. इस शानदार प्रदर्शन ने अरुणाचल प्रदेश को देश के नक्शे पर जीएसटी वृद्धि में सबसे आगे रहने वाले राज्य के रूप में मजबूती से स्थापित कर दिया है. इससे न केवल राज्य की आर्थिक स्थिति सुधरेगी बल्कि विकास की नई योजनाओं को भी बल मिलेगा.