हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

विपक्ष के हंगामे के बीच लोकसभा से पारित हुआ एंटी पेपर लीक बिल

पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मींस) अमेंडमेंट बिल 2026 को लोकसभा में पास कर दिया गया है, जिसे एंटी पेपर लीक बिल भी कहा जाता है.

विज्ञापन

Anti Paper Leak Bill Passed In Lok Sabha: पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मींस) अमेंडमेंट बिल 2026 को लोकसभा में पास कर दिया गया है, जिसे एंटी पेपर लीक बिल भी कहा जाता है. विपक्ष के हंगामे के बीच बिल ध्वनिमत से पारित हुआ है. बुधवार को लोकसभा में राहुल गांधी ने इस बिल को लेकर भाषण दिया. उनके भाषण के दौरान सदन में जमकर हंगामा देखने को मिला. इस दौरान दो बार सदन भी स्थगित करना पड़ा.

राहुल गांधी के आरोप पर हुआ हंगामा

राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मंजूरी दी थी. जिसके बाद सरकार ने जमकर विरोध किया. सरकार का कहना है कि बिना सबूत के राहुल गांधी आरोप लगा रहे हैं. सरकार की ओर से कहा गया कि राहुल गांधी इस मामले की जांच की मांग कर सकते हैं, लेकिन किसी पर बिना सबूत के आरोप नहीं लगा सकते. सत्ता पक्ष ने कहा कि राहुल गांधी जब तक इस बयान के लिए माफी नहीं मांगेंगे सदन को नहीं चलने देंगे. जिसके बाद विपक्षी नेताओं ने भी जमकर नारेबाजी की.




जितेंद्र सिंह ने दिया जवाब

बहस का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने गांधी के आरोपों को खारिज कर दिया और उन्हें ‘तथ्यात्मक रूप से गलत’ बताया. उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शन के दौरान कोई गोली नहीं चलाई गई और न ही गोली चलाने का कोई आदेश दिया गया था. सिंह ने साफ किया कि सुरक्षाकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए केवल आंसू गैस का इस्तेमाल किया था. उन्होंने ये भी बताया कि गोली चलाने का आदेश सिर्फ मजिस्ट्रेट ही दे सकते हैं, पुलिस नहीं. इसके अलावा, सिंह ने अमित शाह के 30 गाड़ियों के काफिले के साथ सफर करने के गांधी के दावे को भी खारिज कर दिया और इस आरोप को गलत बताया.

विज्ञापन

पुराने और नए कानून में फर्क

अपराध
पुराना अधिनियम
नया संशोधन अधिनियम
किसी भी शख्स की तरफ अनुचित साधनों का उपयोग3 से 5 साल तक की कैद और अधिकतम 10 लाख रुपये तक का जुर्माना5 से 10 साल तक की कैद और अधिकतम 50 लाख रुपये तक का जुर्माना
सर्विस प्रोवाइजर्स की तरफ से अनुचित साधनों का उपयोगअधिकतम 1 करोड़ रुपये तक का जुर्मानाअधिकतम 5 करोड़ रुपये तक का जुर्माना
सर्विस प्रोवाइजर्स के प्रभारी की तरफ अनुचित साधनों में संलिप्तता3 से 10 साल तक की कैद और ₹1 करोड़ का जुर्मानान्यूनतम सजा बढ़ाकर 5 साल तथा जुर्माना बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये किया गया
संगठित अपराध 5 से 10 साल तक की कैद और कम से कम 1 करोड़ रुपये का जुर्मानान्यूनतम सजा बढ़ाकर 7 साल और न्यूनतम जुर्माना बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये किया गया

अब राज्यसभा में पास होगा बिल

संशोधन विधेयक, जिसे अब राज्यसभा में पेश किया जाएगा, पेपर लीक के कथित मामलों को लेकर देश भर में हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद लाया गया है. इसमें हर राज्य में पेपर लीक के मामलों की सुनवाई के लिए विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का प्रस्ताव है. इस कानून के तहत जांच एजेंसियों को भी तेजी से न्याय सुनिश्चित करने के लिए 2 महीने के भीतर अपनी जांच पूरी करनी होगी.

संबंधित खबरें

Tags:

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 डिजिटल में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. मुख्य तौर पर वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरें लिखते हैं. शारिकुल ने 2008 में दूरदर्शन में बतौर इंटर्न अपनी शुरुआत की, इसके बाद वह दैनिक जागरण, टीवी टुडे नेटवर्क, जनसंदेश, श्री न्यूज़, भारत खबर, स्पोर्ट्सकीड़ा, WION और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. उन्होंने 3 लोकसभा चुनाव और कई विधानसभा चुनाव से लेकर देश की बड़ी घटनाओं को कवर किया है. अपने डेढ़ दशक के मीडिया करियर में शारिकुल ने देश की राजनीति, इंटरनेशनल डिप्लोमेसी, खेलकूद से जुड़ी घटनाओं की अच्छी समझ हासिल की है. कितने साल का तजुर्बा: 16 साल शिक्षा: शारिकुल ने बैंगलोर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola