'4 साल बाद भी न्याय के इंतजार में अंकिता भंडारी…', धरने पर बैठे माता-पिता से मिलने के बाद बोले राहुल गांधी
Ankita Bhandari Case: अंकिता भंडारी के परिवार का कहना है कि जब तक केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक राज्यपाल की नियुक्ति पर रोक लगनी चाहिए.
परिवार ने राष्ट्रपति से भी इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है. (Photo: PTI)
उत्तराखंड में 2022 को हुए अंकिता भंडारी हत्याकांड मामला एक बार फिर चर्चा में है. अपनी बेटी के लिए न्याय का इंतजार कर रहा अंकिता का परिवार अब एक बार फिर इंडिया गेट पर धरने पर बैठ गया है. अंकिता के माता-पिता की मांग है कि मामले में कथित वीआईपी की भूमिका से जुड़ी जांच पूरी होने तक उससे संबंधित नियुक्ति पर रोक लगाई जाए. अंकिता भंडारी के परिवार ने कथित वीआईपी की नियुक्ति का विरोध किया है.
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परिवार से मिलकर राहुल गांधी ने क्या कहा?
अंकिता भंडारी के माता-पिता से मिलने के बाद राहुल गांधी ने एक्स पोस्ट में लिखा, ‘चार साल बीत जाने के बाद भी अंकिता भंडारी के परिवार को न्याय नहीं मिला है, लेकिन एक ‘VIP’ आरोपी को निश्चित रूप से संरक्षण और संवैधानिक पद से नवाजा गया है. जहां दुष्कर्म और हत्या के आरोपियों का स्वागत फूल-मालाओं से किया जाता है और अपराधियों को सत्ता का सम्मान दिया जाता है, वहां ऐसी महिला-विरोधी भाजपा से न्याय की उम्मीद नहीं की जा सकती. आज अंकिता के माता-पिता अपनी बेटी को न्याय दिलाने की गुहार लेकर अपने घर से मीलों दूर इंडिया गेट पर बैठे हैं. मैं और कांग्रेस पार्टी उनके साथ खड़े हैं, उनके दुख में भी और न्याय की इस लड़ाई में भी.’
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चार साल से अंकिता भंडारी के परिवार को इंसाफ नहीं मिला, लेकिन एक ‘VIP’ आरोपी को संरक्षण और संवैधानिक पद का इनाम ज़रूर मिला।
जहां बलात्कारियों और हत्यारों का फूल-मालाओं से स्वागत होता है और अपराधियों को सत्ता की ताकत से नवाज़ा जाता है – उस महिला-विरोधी BJP से कोई उम्मीद की भी नहीं… pic.twitter.com/i598S7zG7t
अब कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के भी इंडिया गेट पहुंचने पर ये मामला सुर्खियों में आ गया है. अंकिता भंडारी के परिवार का कहना है कि जब तक केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक वीआईपी की नियुक्ति पर रोक लगनी चाहिए. इस बीच दिल्ली पुलिस ने BNS की धारा 163 का हवाला देते हुए इंडिया गेट के बाहर से लोगों को हटने के लिए कहा है. अंकिता भंडारी के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने राहुल गांधी से मिलकर कहा कि वीआईपी को जेल में होना चाहिए. मैं माननीय राष्ट्रपति से पुरजोर अपील करता हूं कि जब तक CBI की जांच पूरी न हो जाए, तब तक गवर्नर नियुक्त न करें.
#WATCH | 2022 Ankita Bhandari murder case: Lok Sabha LoP Rahul Gandhi meets Ankita Bhandari’s parents at India Gate in Delhi
They are protesting against the appointment of BJP leader Dushyant Kumar Gautam as the Governor of Sikkim pic.twitter.com/ZdiuPvaSZp
अंकिता की मां सोनी देवी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वीआईपी से जुड़े मामले के बीच नियुक्ति की खबर सामने आने से परिवार की चिंता बढ़ गई है. उनके मुताबिक, बेटी को न्याय मिलने की उम्मीद के साथ परिवार लगातार अपनी आवाज उठा रहा है, लेकिन अब उन्हें समझ नहीं आ रहा कि न्याय की गुहार लेकर किसके पास जाएं.
अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने कहा कि नियुक्ति से जुड़ी खबर सुनकर परिवार को गहरा धक्का लगा. उन्होंने दावा किया कि इस खबर के बाद अंकिता की मां पूरी रात रोती रहीं. परिवार का कहना है कि उत्तराखंड में उनकी बात नहीं सुनी गई, इसलिए उन्हें दिल्ली आकर विरोध दर्ज कराना पड़ा. उन्होंने आम लोगों से भी न्याय की लड़ाई में साथ देने की अपील की.
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पकड़े गए आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा
अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच को लेकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीबीआई जांच की सिफारिश की थी. इस जांच से कथित वीआईपी की भूमिका से जुड़े सवालों के स्पष्ट होने की उम्मीद जताई जा रही है. आपको बता दें कि पौड़ी जिले के डोभ श्रीकोट की रहने वाली अंकिता भंडारी ऋषिकेश के पास स्थित वनंत्रा रिसॉर्ट में काम करती थीं. सितंबर 2022 में उनकी हत्या कर दी गई थी. इस मामले में रिसॉर्ट मालिक पुलकित आर्य और दो अन्य आरोपियों, सौरभ भास्कर, अंकित को गिरफ्तार किया गया था. निचली अदालत ने तीनों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी.