अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के पास गुरुवार दोपहर भूकंप के तेज झटके दर्ज किए गए. सीस्मोलॉजिकल रिपोर्ट के अनुसार, रिक्टर पैमाने पर इस भूकंप की तीव्रता 5.1 मापी गई है. भूकंप का मुख्य केंद्र अंडमान के बम्बू फ्लैट से करीब 218 किलोमीटर उत्तर-उत्तर पश्चिम (NNW) दिशा में स्थित था. ताजा आंकड़ों के मुताबिक, भूकंप के झटके दोपहर करीब 3 बजे के आसपास महसूस किए गए. 5.1 की तीव्रता मध्यम से तेज श्रेणी में आती है, जिससे आसपास के समुद्री क्षेत्र और द्वीपीय इलाकों में कंपन की स्थिति बनी. हालांकि, राहत की बात यह है कि शुरुआती सूचनाओं में किसी बड़े नुकसान या जान-माल की हानि की खबर सामने नहीं आई है.
बंगाल की खाड़ी में बार-बार क्यों कांपती है धरती?
बंगाल की खाड़ी में भूकंप के झटके महसूस होना कोई पहली बार नहीं है. यहां जमीन के नीचे होने वाली हलचल के चलते समय-समय पर कंपन दर्ज होता रहता है. आंकड़ों पर नजर डालें तो इस साल अप्रैल महीने में भी इलाके में भूकंप आया था. 11 अप्रैल को बंगाल की खाड़ी में 4.2 तीव्रता का भूकंप रिकॉर्ड किया गया था, जिसका केंद्र जमीन से करीब 10 किलोमीटर की गहराई पर था. गनीमत यह रही कि उस दौरान किसी भी तरह के जान-माल का नुकसान नहीं हुआ.
जानकारों के मुताबिक, इस समुद्री क्षेत्र में अमूमन हर महीने ही हल्के-फुल्के झटके दर्ज होते हैं. हालांकि, जब तीव्रता ज्यादा होती है, तो इसका असर केवल समुद्र तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पश्चिम बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे तटीय राज्यों तक भी झटके महसूस किए जाते हैं.
रिक्टर स्केल की तीव्रता का क्या है गणित?
भूकंप कितना ताकतवर था, इसे मापने के लिए रिक्टर स्केल का इस्तेमाल किया जाता है. रिक्टर स्केल 1 (सबसे छोटे) से लेकर 10 (सबसे बड़े) की तीव्रता तक के झटकों को मापता है. इसे छोटे-छोटे अंशों में भी आंका जाता है, जैसे कि तीव्रता 5.3 या 0.7 भी हो सकती है.
पैमाने के हिसाब से भूकंप की श्रेणियां इस तरह तय होती हैं
- 1.0 से 2.9 तीव्रता: इसे बेहद कम तीव्रता वाला भूकंप माना जाता है, जिसका ज्यादातर पता भी नहीं चलता.
- 3.0 से 3.9 तीव्रता: यह छोटा भूकंप कहलाता है.
- 4.0 से 4.9 तीव्रता: इसे हल्के भूकंप की श्रेणी में रखा जाता है.
- 5.0 से 5.9 तीव्रता: यह गंभीर श्रेणी का भूकंप होता है, जिससे नुकसान की आशंका बन जाती है.
- 6.0 से 6.9 तीव्रता: इसे जबरदस्त भूकंप माना जाता है.
- 7.0 से 7.9 तीव्रता: यह बहुत जबरदस्त श्रेणी में आता है और भारी तबाही ला सकता है.
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