लोकसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नक्सलवाद के मुद्दे पर विपक्ष को जमकर घेरा. अमित शाह ने साफ शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि 'जो भी हथियार उठाएगा, उसका हिसाब चुकता होगा.' उन्होंने बस्तर में विकास की कमी के लिए 'लाल आतंक' की परछाई को जिम्मेदार ठहराया और कांग्रेस के 60 साल के शासन पर तीखे सवाल खड़े किए.
'नक्सलवाद मुक्त भारत' का संकल्प
अमित शाह ने सदन में कहा कि वामपंथी विचारधारा की वजह से नक्सलवाद फैला है, जो देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए सबसे बड़ी चुनौती रहा है. उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के पुराने बयान का हवाला देते हुए कहा कि उस समय समस्या को स्वीकार तो किया गया, लेकिन समाधान के लिए कुछ नहीं हुआ. अमित शाह ने कहा, '2014 में सत्ता परिवर्तन के बाद मोदी जी के शासन में वर्षों पुरानी समस्याओं का निराकरण हुआ. अब नक्सलवाद से मुक्त भारत की रचना भी इसी कार्यकाल में हो रही है.'
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कांग्रेस के 60 साल बनाम मोदी के 12 साल
विपक्ष पर हमला बोलते हुए गृह मंत्री ने पूछा कि आखिर 75 साल में से 60 साल शासन करने वाली कांग्रेस के समय आदिवासी विकास से महरूम क्यों रहे? उन्होंने कहा, 'आदिवासियों को 60 साल तक घर, पानी, स्कूल और बैंक की सुविधाएं क्यों नहीं मिलीं? आज मोदी सरकार बस्तर के हर गांव में स्कूल और राशन की दुकानें खोलने की मुहिम चला रही है.'
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बस्तर से हट रही है 'लाल आतंक' की परछाई
शाह ने बताया कि देश के हर गरीब को मुफ्त अनाज, गैस और 5 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा मिला, लेकिन बस्तर के लोग इससे इसलिए छूट गए थे क्योंकि वहां नक्सलवाद का साया था. उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार ने उस 'लाल आतंक' की परछाई को हटा दिया है, जिसके कारण आज बस्तर तेजी से विकास कर रहा है.
गृह मंत्री ने साथ ही कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, 'आपका लड़ने का तरीका क्या है, हम अंग्रेजों के शासन में नहीं रह रहे हैं. कुछ लोगों ने भगत सिंह जी और बिरसा मुंडा की तुलना ऐसे लोगों से कर दी, जो अक्षम्य है. आप लोग क्या हिमाकत कर रहे हैं. शहीद भगत सिंह और भगवान बिरसा मुंडा, जो अंग्रेजों के सामने लड़े, और आप उनकी तुलना संविधान तोड़कर, हाथ में हथियार लेकर निर्दोषों की हत्या करने वालों से कर रहे हैं? मैं कहना चाहता हूं कि ऐसे विषयों में राजनीतिक स्वार्थ से ऊपर उठ जाना चाहिए.'
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ऐतिहासिक फैसलों का जिक्र
अपने संबोधन में गृह मंत्री ने अनुच्छेद 370 को हटाने, राम मंदिर निर्माण, जीएसटी, सीएए (CAA) और महिला आरक्षण जैसे ऐतिहासिक फैसलों का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि मोदी जी के नेतृत्व में देश ने वे बड़े काम किए हैं जो दशकों से लंबित थे.