Amarnath Yatra 2026: आगामी 3 जुलाई से शुरू होने जा रही ऐतिहासिक श्री अमरनाथ यात्रा (SANJY-2026) को लेकर सुरक्षा व्यवस्था बेहद चाक-चौबंद कर दी गई है. श्रद्धालुओं की सुरक्षा, संरक्षा और किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए शनिवार, 28 जून 2026 को जम्मू-कश्मीर पुलिस की माउंटेनियरिंग रेस्क्यू टीमों (MRTs) ने पहलगाम और बालटाल दोनों मुख्य मार्गों पर एक व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया.

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यह महा अभ्यास यात्रा मार्ग पर पड़ने वाले कुल 18 महत्वपूर्ण और संवेदनशील स्थानों पर एक साथ किया गया. इसमें चंदनवाड़ी, पिस्सू टॉप, जोजिबल, नागाकोटी, वावबल, एम.जी. टॉप, पोशपत्री, केलनार, दर्दकोट, संगम टॉप, पवित्र गुफा, लोअर होली केव, वाई-जंक्शन, ब्रारीमार्ग, रेलपथरी, डोमैल, पंचतरणी और शेषनाग जैसे इलाके शामिल रहे.

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आपदा से निपटने की तैयारियों को परखा

इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य सभी रेस्क्यू टीमों को हाई अलर्ट मोड पर रखना है. यात्रा के दौरान पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन (landslide), फ्लैश फ्लड (अचानक आई बाढ़), मेडिकल इमरजेंसी या किसी भी प्राकृतिक और मानवजनित आपदा से निपटने के लिए इन टीमों की क्षमता को जांचा गया. अभ्यास के दौरान आधुनिक बचाव उपकरणों, त्वरित संचार व्यवस्था और रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सुरक्षित निकासी की प्रक्रियाओं का सफल परीक्षण किया गया. अधिकारियों के मुताबिक, सभी टीमों का प्रदर्शन बेहद संतोषजनक रहा.

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चप्पे-चप्पे पर पहरा, 70 हजार अतिरिक्त जवान तैनात

इस साल बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए आने वाले भक्तों की सुरक्षा में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लखनपुर से लेकर कश्मीर तक चप्पे-चप्पे पर कड़ा पहरा है. पूरी यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन ने 70 हजार अतिरिक्त सुरक्षाबलों के जवानों को तैनात किया है. जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की यह तैयारी साफ दर्शाती है कि इस बार अमरनाथ यात्रा न सिर्फ आस्था से भरपूर होगी, बल्कि पूरी तरह सुरक्षित और सुगम भी रहेगी.

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