[19 Feb LIVE Updates] AI Summit 2026: भारत कल शुक्रवार को दिल्ली में AI Summit के दौरान Pax Silica गठबंधन में शामिल होगा.
Pax Silica अमेरिका के नेतृत्व वाला एक गठबंधन है जो AI, Semiconductor और महत्वपूर्ण खनिजों (rare earth metals) की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने पर केंद्रित है.
हस्ताक्षर समारोह में अमेरिकी राजदूत Sergio Gor और आर्थिक मामलों के उप विदेश मंत्री Jacob Helberg मौजूद रहेंगे.
अमेरिका ने Pax Silica दिसंबर 2025 में शुरू किया था जिसमें शुरुआत में US, Japan, Israel, Australia, Singapore, South Korea और UK सदस्य थे. भारत के शामिल होने से यह गठबंधन और विस्तृत होगा. अमेरिका का फायदा ये है कि चीन पर rare earth metals के लिए उसकी निर्भरता भारत के आने से थोड़ी कम हो जाएगी.
[19 Feb LIVE Updates] AI Summit 2026: इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में, खोसला वेंचर्स के फाउंडर, विनोद खोसला ने कहा, ‘यहां इतनी दिलचस्पी और इतने सारे लोगों को देखकर बहुत अच्छा लग रहा है. मैंने इसी बारे में बात की थी, कि हम (AI का इस्तेमाल करके) बहुत ही कम कीमत पर सभी के लिए फ्री डॉक्टर और टीचर रख सकते हैं.’
[19 Feb LIVE Updates] AI Summit 2026: स्पेन के राष्ट्रपति पेड्रो सांचेज इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 में शामिल होने के बाद दिल्ली एयरपोर्ट से रवाना हुए.
[19 Feb LIVE Updates] AI Summit 2026: दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात की.
[19 Feb LIVE Updates] AI Summit 2026: India AI Impact Summit 2026: भारत में इटली के एम्बेसडर, एंटोनियो बार्टोली ने कहा, ‘ट्रैजेक्टरी शानदार है और भारत AI में एक ग्लोबल पावर बन सकता है…इटली और यूरोप जैसे देशों के लिए भारत के साथ पार्टनरशिप करना फायदेमंद है…क्योंकि हम एक जैसा अप्रोच रखते हैं, ह्यूमन-सेंट्रिक अप्रोच.’
एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोदेई ने कहा कि हमने इसी सप्ताह बेंगलुरु में एक कार्यालय खोला है और इरिना घोष को इसका मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त किया है, जिन्होंने भारत में 3 दशकों तक व्यवसाय स्थापित किए हैं। इस कमरे में और पूरे भारत में ऊर्जा और महत्वाकांक्षा अविश्वसनीय है। मैं पिछले कुछ दिनों से भारतीय बिल्डरों और उद्यमियों से मिल रहा हूं। यहां एक साथ मिलकर निर्माण करने की ऊर्जा स्पष्ट रूप से महसूस की जा सकती है, जो कहीं और नहीं है।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के सौहार्दपूर्ण निमंत्रण के लिए धन्यवाद और वैश्विक दक्षिण में पहले एआई शिखर सम्मेलन के आयोजन में भारत के नेतृत्व के लिए बधाई। भारत में इस बैठक का विशेष महत्व है। एआई का भविष्य मुट्ठी भर देशों द्वारा तय नहीं किया जा सकता या कुछ अरबपतियों की मनमानी पर नहीं छोड़ा जा सकता। इस शिखर सम्मेलन का संदेश सीधा-सादा है। ऐसी तकनीक जो जीवन को बेहतर बनाए और धरती की रक्षा करे। इसलिए आइए, गरिमा को सर्वोपरि मानकर सबके लिए एआई का निर्माण करें।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन, ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा, भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे, अबू धाबी के युवराज शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके, नीदरलैंड के प्रधानमंत्री डिक शूफ, हेलेनिक प्रधानमंत्री क्यारियाकोस मित्सोटाकिस, स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाय परमेलिन, फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेटेरी ओर्पो, एस्टोनिया के राष्ट्रपति अलार कारिस और अन्य विश्व नेता इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में एक समूह तस्वीर के लिए पोज देते हुए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हम एक ऐसे युग में प्रवेश कर रहे हैं, जहां मनुष्य और AI मिलकर सह-निर्माण, सह-कार्य और सह-विकास करेंगी। भारत को एआई में एक उज्ज्वल भविष्य दिखाई देता है। हमारे पास प्रतिभा, ऊर्जा क्षमता और नीतिगत स्पष्टता है। मुझे आप सभी को यह बताते हुए खुशी हो रही है कि इस शिखर सम्मेलन में 3 भारतीय कंपनियों ने अपने एआई मॉडल और ऐप्स लॉन्च किए हैं। ये मॉडल हमारे युवाओं की प्रतिभा को प्रदर्शित करते हैं। मैं आप सभी को भारत में डिजाइन और विकास करने, दुनिया को, मानवता को देने के लिए आमंत्रित करता हूं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि दशकों पहले जब इंटरनेट की शुरुआत हुई थी, तब किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि इससे कितनी नौकरियां पैदा होंगी। यही बात एआई के लिए भी सच है। आज यह कल्पना करना मुश्किल है कि भविष्य में इस क्षेत्र में किस तरह की नौकरियां पैदा होंगी। एआई में काम का भविष्य पूर्वनिर्धारित नहीं है। यह हमारे निर्णयों, हमारी कार्यशैली और कार्यप्रणाली पर निर्भर करेगा। मेरा मानना है कि काम का भविष्य हमारे लिए एक नया अवसर है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि AI का इस्तेमाल करते हुए हमें बच्चों की सुरक्षा को लेकर अधिक सतर्क रहना होगा। एआई क्षेत्र भी बच्चों के लिए सुरक्षित और परिवारों के मार्गदर्शन में विकसित होना चाहिए। आज नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में मैं एआई के लिए मानव विजन प्रस्तुत कर रहा हूं। मानव का अर्थ है मानवीय और मानव विजन कहता है कि एम यानी नैतिक और नीतिपरक प्रणालियां एआई नैतिक मार्गदर्शन पर आधारित होना चाहिए।
ए यानी जवाबदेह शासन का अर्थ है पारदर्शी नियम, सशक्त निगरानी। एन यानी राष्ट्रीय संप्रभुता का अर्थ है जिसका डेटा, उसका अधिकार। ए यानी सुलभ और समावेशी का अर्थ है कि एआई एक गुणक होना चाहिए, एकाधिकार नहीं। वी यानी वैध और कानूनी का अर्थ है कि एआई विधिवत और सत्यापन योग्य होना चाहिए। भारत का यह मानव विजन 21वीं सदी की एआई-आधारित दुनिया में मानवता के कल्याण के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी बनेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि एआई को वैश्विक हित के रूप में विकसित करने का संकल्प लें। एआई के लिए वैश्विक मानक स्थापित करना अत्यंत आवश्यक है। डीपफेक और मनगढ़ंत कंटेंट खुले समाज को अस्थिर कर रहा है। डिजिटल वर्ल्ड में, कंटेट पर प्रामाणिकता के लेबल होने चाहिए ताकि लोगों को पता चले कि क्या वास्तविक है और क्या एआई से बनाया गया है। जैसे-जैसे एआई टेक्स्ट, फोटो और वीडियो बनाएगी, वॉटरमार्किंग और सोर्स की जरूरत बढ़ती जाएगी। इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि इस तकनीक में शुरू से ही विश्वास पैदा किया जाए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि एआई के लिए इंसान मात्र डेटा पॉइंट हैं। यह सुनिश्चित करने के लिए कि मनुष्य केवल कच्चा माल बनकर न रह जाएं, एआई का लोकतंत्रीकरण किया जाना चाहिए। इसे सशक्तिकरण का माध्यम बनाया जाना चाहिए। हमें एआई को खुली छूट देनी चाहिए और साथ ही जीपीएस की तरह कमान अपने हाथों में रखनी चाहिए। जीपीएस हमें रास्ता दिखाता है, लेकिन हमें किस दिशा में जाना है, इसका अंतिम निर्णय हमारा होता है। आज हम एआई को जिस दिशा में ले जाएंगे, वही हमारा भविष्य निर्धारित करेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि एआई बदलती रहने वाली शक्ति है। अगर यह दिशाहीन हो गई तो समस्याएं पैदा करेगी। सही दिशा मिलने पर यह समस्या का समाधान बन जाएगी। एआई को मशीन-केंद्रित से मानव-केंद्रित कैसे बनाया जाए, इसे संवेदनशील और उत्तरदायी कैसे बनाया जाए, यही इस शिखर सम्मेलन का मूल उद्देश्य है। इस शिखर सम्मेलन का विषय उस दृष्टिकोण को दर्शाता है जिससे भारत एआई को देखता है। सभी का कल्याण, सभी की खुशी, यही हमारा आदर्श है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमें AI के जरिए स्किल डेवलपमेंट और आजीवन सीखने को एक जन आंदोलन बनाना होगा। AI का काम भरोसेमंद और मानव-केंद्रित होगा। अगर हम सब मिलकर आगे बढ़ें तो AI मानवता की क्षमता को बढ़ाएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमें AI को लेकर व्यापक दृष्टिकोण अपनाना होगा और उतनी ही बड़ी जिम्मेदारी भी निभानी होगी। वर्तमान पीढ़ी के साथ-साथ हमें इस बात की भी चिंता करनी होगी कि हम आने वाली पीढ़ियों को किस रूप में AI को सौंपेंगे? इसलिए आज का असली सवाल यह नहीं है कि भविष्य में AI क्या कर सकती है? हम वर्तमान में AI का उपयोग कैसे करें? ऐसे सवाल मानवता के सामने पहले भी आ चुके हैं। इसका सबसे सशक्त उदाहरण परमाणु ऊर्जा है। हमने इसके विनाश को भी देखा है और इसके सकारात्मक योगदान को भी देखा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जिस गति से दुनिया के युवा एआई को अपना रहे हैं और इसकी जिम्मेदारी ले रहे हैं, वह सराहनीय है। एआई शिखर सम्मेलन को लेकर युवाओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज एआई मशीनों को बुद्धिमान बना रहा है, लेकिन उससे भी बढ़कर यह मानवीय क्षमताओं को कई गुना बढ़ा रहा है। अंतर केवल इतना है कि इस बार बदलाव की गति अभूतपूर्व है। पहले टेक्नोलॉजी का प्रभाव दिखने में दशकों लग जाते थे। आज मशीन लर्निंग से लेकर लर्निंग मशीनों तक का सफर पहले से कहीं ज्यादा तेज, गहरा और व्यापक बन गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जब पहली बार वायरलेस तरीके से सिग्नल भेजे गए थे, तब किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि एक दिन पूरी दुनिया वास्तविक समय में एक-दूसरे से जुड़ जाएगी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मानव इतिहास का एक ऐसा ही रूपांतरण है। आज हम जो देख रहे हैं, जो भविष्यवाणी कर रहे हैं, वह तो AI के प्रभाव की बस शुरुआत है।
समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण का एआई एंकर ने संकेतों के जरिए लाइव AI भाषा में सीधा प्रसारण भी किया।
दिल्ली में भारत मंडपम में चल रहे AI इम्पैक्ट समिट 2026 का आज औपचारिक उद्घाटन हुआ। प्रधानमंत्री मोदी ने समिट का उद्घाटन किया और इस दौरान दुनियाभर से आए मेहमानों को संबोधित भी किया। रात के करीब 9 बजे तक प्रधानमंत्री मोदी समिट में रहेंगे और मेहमानों के साथ अलग-अलग कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।
अब समिट 21 फरवरी तक चलेगा
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं IT सचिव एस. कृष्णन ने जानकारी दी है कि प्रधानमंत्री मोदी और VVIP मेहमानों की मौजूदगी के चलते गुरुवार को समिट पब्लिक के लिए बंद रहेगा। आज समिट में उन्हें ही एंट्री मिलेगी, जिनके पास निमंत्रण पत्र होगा। इसलिए केंद्र सरकार ने AI समिट को 21 फरवरी को भी जारी रखने का ऐलान किया है।
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भारत कर रहा चौथे समिट का आयोजन
बता दें कि भारत चौथे AI समिट की मेजबानी कर रहा है। सबसे पहले साल 2023 में ब्रिटेन में समिट हुआ था। उसके बाद मई 2024 में दक्षिण कोरिया में और फरवरी 2025 में पेरिस में समिट हुआ था। इन तीनों समिट के परिणामों को आधार बनाकर भारत चौथा समिट आयोजित कर रहा है और भविष्य में AI के इस्तेमाल की संभावनाओं पर मंथन कर रहा है।
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AI समिट से जुड़े आज के पल-पल के लाइव अपडेट्स के लिए बने रहें News 24 के साथ...
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