AI इम्पैक्ट समिट 2026 में, एक्सेंचर की मैनेजिंग डायरेक्टर-कंसल्टिंग श्वेता वढेरा जैन कहती हैं, “… हमारी चर्चा का मुख्य निष्कर्ष यह है कि ज़िम्मेदार AI असल में चार मुख्य पिलर्स से चलता है। एक, हम एथिक्स के बारे में बात कर रहे थे। और जब हम एथिक्स कहते हैं, तो इसका मतलब डेटा होता है। हमने एक्सप्लेनेबिलिटी के बारे में बात की। जब हम फ़ैसले लेने के लिए एल्गोरिदम का इस्तेमाल करते हैं, चाहे वह आजकल बैंकिंग हो या ऑटोमोटिव ड्राइविंग…”
इंडिया AI इम्पैक्ट समिट पर, UN के अंडर-सेक्रेटरी-जनरल, टेक एन्वॉय, अमनदीप गिल ने कहा, “… हम देखते हैं कि यह समिट उस प्रोग्रेस को तेज़ कर रहा है जो इंटरनेशनल कम्युनिटी पूरी इंसानियत के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को कंट्रोल करने में कर रही है… दुनिया को गार्डरेल्स पर सहयोग करने की ज़रूरत है। यह एक पावरफुल टेक्नोलॉजी है। इसमें मौके हैं, लेकिन इसमें समाज और अर्थव्यवस्था में एक्सक्लूज़न, बायस, डिस्क्रिमिनेशन, इनइक्वालिटी को मज़बूत करने और बच्चों की भलाई पर असर पड़ने के रिस्क भी हैं… हमें AI को कंट्रोल करने और इसके फ़ायदों का इस्तेमाल करने के लिए तैयारी और सोशल और इंस्टीट्यूशनल कैपेसिटी में काफ़ी इन्वेस्टमेंट की ज़रूरत है… हमें उम्मीद है कि यह समिट AI कैपेसिटी बिल्डिंग पर एक मज़बूत मैसेज लेकर आएगी…”
भारत में AI पावरहाउस बनने के लिए टैलेंट और एंटरप्रेन्योर एनर्जी है, यूनियन बजट 2026-27 इस विज़न को मजबूत करता है: PM मोदी।
“भारत को दुनिया की टॉप तीन AI सुपरपावर में से एक होना चाहिए”: PM मोदी ने 2047 का विजन रखा.
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारत मंडपम में इंडिया AI इम्पैक्ट समिट के दौरान WAVES क्रिएटर्स कॉर्नर का उद्घाटन किया।
शिवसेना(UBT) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने AI समिट पर कहा, “यह देश के लिए एक महत्वपूर्ण समिट है… हम शासन, टेक और नवाचार की जो बात करते हैं, उसमें AI की भागीदारी हो सकती है… भारत का अपना खुद का AI मॉडल बनाना बहुत जरूरी है। हमारा सांस्कृतिक संदर्भ और भाषा अलग है… अगर विदेशी यहां आकर हमारे भूगोल और फ्रेमवर्क के तहत काम करते हैं तो यह अच्छी बात है, लेकिन हमें अपने इंडियन उद्यमियों को बढ़ावा देना चाहिए। हमें इंडिया फर्स्ट सॉल्यूशन ढूंढना चाहिए और यह ज़्यादा पावरफुल होगा… भारत डेटा कलेक्शन का सबसे बड़ा हब है…”
इंडिया-AI इम्पैक्ट समिट के लिए नई दिल्ली पहुंचने पर गुयाना के वाइस प्रेसिडेंट डॉ. भारत जगदेव का स्वागत गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों मुंबई के लोक भवन में एक-दूसरे को गले लगाते हुए.
इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 में, मिनिऑरेंज साइबरसिक्योरिटी कंपनी के फाउंडर और CEO, अनिरबन मुखर्जी ने कहा, “… यह मिनिस्ट्री लेवल पर की गई एक बहुत अच्छी पहल है। लगभग 200 देश हैं, और भारत ने एक ओपन AI समिट किया है जिसमें दुनिया के लीडर और स्पीकर हिस्सा ले रहे हैं… यह समिट AI से जुड़े अलग-अलग मौकों को एक्सप्लोर कर रहा है… भारत दुनिया में अकेली ऐसी जगह है जो दुनिया की साइबरसिक्योरिटी और AI बैकबोन बनने में काबिल है…”
अडानी ग्रुप 2035 तक रिन्यूएबल पावर वाले, AI-रेडी डेटा सेंटर्स में 100 बिलियन डॉलर का निवेश करेगा.
भारत भारत मंडपम में AI इम्पैक्ट समिट होस्ट कर रहा है। समिट की थीम है- ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’।
इंडिया AI इम्पैक्ट समिट के दूसरे दिन आज BharatGen को ऑफिशियली लॉन्च किया जाएगा. ये भारत सरकार का सपोर्टेड AI इनिशिएटिव है, जिसका फोकस पूरे देश में इनक्लूसिविटी, इनोवेशन और कल्चरल रिप्रेजेंटेशन को बढ़ावा देने के लिए सॉवरेन मल्टीलिंगुअल लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स (LLMs) बनाने पर है.
एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान 500 से ज्यादा सत्रों का आयोजन होगा, जिसमें 3250 से ज्यादा वक्ता और पैनलिस्ट शामिल होंगे. इस महामंथन में अलग-अलग क्षेत्रों पर एआई के क्रांतिकारी बदलावों और इसके लाभों को दुनिया के हर वर्ग तक समान रूप से पहुंचाने के रोडमैप पर विस्तार से चर्चा की जाएगी.
AI Impact Summit India 2026: नई दिल्ली में 'एआई इम्पैक्ट समिट 2026' का आज दूसरा दिन है, सोमवार को इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया. इस वैश्विक महाकुंभ में दुनियाभर के नेता और दिग्गज टेक कंपनियों के सीईओ शामिल होंगे. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों इसमें शामिल होने के लिए भारत पहुंचे. समिट में एआई के फायदों, रोजगार पर इसके प्रभाव और भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी. ये समिट 20 फरवरी तक चलेगा. इस समिट में 300 से अधिक प्रदर्शनियां लगाई गई हैं. समिट का मुख्य उद्देश्य न केवल आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की ताकत को दुनिया के सामने रखना है बल्कि इसके साथ आने वाले संभावित खतरों को कम करने के लिए एक ठोस वैश्विक रणनीति तैयार करना भी है.
आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस को लेकर सबसे बड़ा सवाल रोजगार और सुरक्षा पर खड़ा हो रहा है जिसे लेकर समिट के दौरान गहन विचार-विमर्श किया जाएगा. कई बड़ी कंपनियों के सीईओ और रिसर्चर्स उन खतरों और नए अवसरों पर अपनी राय रखेंगे जो एआई की वजह से भविष्य के जॉब मार्केट में पैदा होंगे. इसके अलावा तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल का डेटा सेंटर्स और पर्यावरण पर क्या असर पड़ेगा, यह मुद्दा भी चर्चा के केंद्र में रहेगा. समिट के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की जाएगी कि कैसे एआई को आम आदमी की जिंदगी में सकारात्मक बदलाव लाने और ग्लोबल सिक्योरिटी को मजबूत करने के लिए जिम्मेदारी के साथ इस्तेमाल किया जा सकता है.
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AI Impact Summit के मुख्य स्पीकर
-नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री, भारत
-इमैनुएल मैक्रों, राष्ट्रपति, फ्रांस
-सुंदर पिचाई, CEO, गूगल
-मुकेश अंबानी, चेयरमैन एवं MD, रिलायंस इंडस्ट्रीज
-सैम ऑल्टमैन, CEO, ओपनएआई
-शांतनु नारायण, CEO, एडोबी
-क्रिस्टियानो एमोन, CEO, क्वालकॉम
-डारियो अमोडेई, CEO, एंथ्रॉपिक
-डेमिस हासाबिस, CEO, गूगल डीपमाइंड
-आर्थर मेंश, CEO, मिस्ट्रल AI
-अलेक्जेंडर वांग, चीफ AI ऑफिसर, मेटा
-प्रत्युष कुमार और विवेक राघवन, सह-संस्थापक, सर्वम AI
-विशाल सिक्का, संस्थापक एवं CEO, वियानाई
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