अहमदाबाद में हुई दो बच्चियों की मौत का रहस्य और ज्यादा उलझता जा रहा है . इसी कड़ी में पुलिस ने जांच के दौरान दफन की गई 3 महीने की बच्ची के शव को पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के लिए कब्र से वापस निकाला. परिवार ने बिना जानकारी दिए शव को दफना दिया था लेकिन अब बच्ची का शव जमीन से बाहर निकाला गया . जिसके बाद शव को असरवा सिविल अस्पताल भेजा गया है.

PI जयेश मकवाणा के मुताबिक, बच्ची ने खीरू नहीं खाया था मां के खीरू खाने के बाद ब्रेस्टफीडिंग से असर की आशंका जताई जा रही है . पूरे मामले की पुलिस और FSL टीम जांच कर रही है .

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दजे के मकवाणा पीआई चांदखेड़ा पुलिस ने बताया दरअसल गुजरात के अहमदाबाद के चांदखेड़ा इलाके में एक ही परिवार की दो बेटियों की मौत और माता-पिता के गंभीर रूप से बीमार होने का मामला सामने आया था . परिजनों ने आरोप लगाया कि डोसा खाने के बाद यह हादसा हुआ, हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है. परिवार में विमल, उनकी पत्नी भावना और दो बेटियां, तीन महीने और चार साल की ने यह खाना खाया था. इलाज के दौरान 4 अप्रैल को तीन महीने की बच्ची की मौत हो गई, जबकि 5 अप्रैल को चार साल की बच्ची ने भी दम तोड़ दिया. वहीं, माता-पिता की हालत अब भी नाजुक बताई जा रही है.

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खीरू से जुड़ा पूरा घटनाक्रम

  • 1 अप्रैल को घनश्याम डेयरी से खीरू खरीदा गया
    उसी दिन परिवार के सदस्य ने खीरू से बने ढोसे खाए
  • 2 अप्रैल को पत्नी और 4 साल की बच्ची ने भी ढोसे खाए
  • 3 अप्रैल को तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया
  • 4 अप्रैल को अढ़ाई महीने की बच्ची की मौत
  • 5 अप्रैल को 4 साल की बच्ची की भी मौत
  • 6 अप्रैल को परिवार ने डेयरी पर आरोप लगाए
  • 6 अप्रैल को पुलिस और FSL टीम ने सैंपल लिए
  • 7 अप्रैल को पुलिस ने छोटी बच्ची का शव निकाल के PM के लिए असरवा सिविल भेजा
    फिलहाल पति-पत्नी KD अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती हैं