पिछले 12 सालों में पहली बार ऐसा हुआ जब केंद्र सरकार कोई अहम बिल लोकसभा में गिर गया हो। महिला आरक्षण बिल पर केंद्र सरकार को निराश होना पड़ा। विपक्ष ने बिल के खिलाफ वोटिंग की थी। बिल गिरने के बाद बीजेपी ने विपक्ष का विरोध किया। अगले ही दिन यानी 18 अप्रैल को पीएम मोदी की कैबिनेट बैठक हुई। इसमें पीएम मोदी ने विपक्ष से इस कदम का विरोध किया।
सूत्रों के हवाले से कैबिनेट की बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन करने से विपक्ष का इनकार एक ऐसी गलती है, जिसका उसे भविष्य में राजनीतिक रूप से नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इस रुख की राजनीतिक कीमत विपक्ष को चुकानी होगी।
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प्रधानमंत्री ने जोर देते हुए कहा कि यह संदेश देश के हर गांव तक पहुंचाया जाना चाहिए कि विपक्ष की सोच महिलाओं के प्रति नकारात्मक है। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्षी दल अब अपने इस रुख को सही ठहराने और उसे छिपाने के तरीके खोजने में लगे हुए हैं। बता दें कि विपक्ष शुरू से ही इस बिल का विरोध कर रहा है। इसको लेकर विपक्ष ने कई बार बैठकें भी कीं।
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कैसे गिरा बिल
बता दें कि बीती शाम संसद में बिल पर वोटिंग हुई। लोकसभा में 'संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026' पेश हुआ था। इस बिल के पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट डाले गए। लोकसभा में इसे पास होने के लिए दो तिहाई बहुमत मतों की जरूरत होती है। बिल पर 528 सदस्यों ने हिस्सा लिया। इस बिल को पारित करने के लिए 352 सदस्यों के वोट की जरूरत थी।
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