दिल्ली में आज जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का विरोध प्रदर्शन होना था, जिसके लिए पार्टी प्रमुख अभिजीत दीपके मुंबई से दिल्ली पहुंचे, लेकिन दिल्ली एयरपोर्ट पर लैंड करते ही अभिजीत दीपके को डिटेन कर लिया. वहीं दीपके को प्लेन से उतरने ही नहीं दिया गया, बल्कि दिल्ली पुलिस ने प्लेन में घुसकर अभिजीत दीपके को डिटेन किया. इस दौरान उनके साथ सौरव दास और आशुतोष रांका को भी हिरासत में लिया गया और तीनों को दिल्ली पुलिस सीक्रेट प्लेस पर ले गई है. इससे पहले दिल्ली पुलिस ने हजारों CJP प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर डिटेन सेंटरों में रखा हुआ है.
अभिजीत दीपके ने इंस्टाग्राम पर अपलोड किया वीडियो
बता दें कि अभिजीत दीपके ने विमान के अंदर से ही दिल्ली पुलिस के एक्शन का वीडियो बनाकर अपने इंस्टाग्राम पर अपलोड किया. इसमें वे प्लेन के अंदर और बाहर का नजारा दिखाते हुए कहते हैं कि दिल्ली पुलिस हम लोगों को उठाने के लिए आ रही है और प्लेन के अंदर घुस रही है. हमें प्लेन के अंदर से ही उठाने की कोशिश है और इसके लिए दिल्ली पुलिस प्लेन में चढ़ने के लिए कॉरिडोर में लाइन में खड़ी है. यह नरेंद्र मोदी का डर है, जो 30 साल के बच्चों को इस तरह उठा रही है, जैसे हम अपराधी हों. वे किसी को विमान से उतरने नहीं दे रहे, इससे यात्रियों को परेशानी हो रही है.
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
दिल्ली में 2 दिन कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया. इस बीच आज दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया तो राजधानी छावनी बन गई. पुलिस ने पूरी दिल्ली की घेराबंदी करके इसे किला बना दिया. दिल्ली से लगती सीमाओं को सील करके, मेट्रो स्टेशन बंद करके, ट्रेनों को कैंसिल करके लोगों को दिल्ली आने से और जंतर-मंतर पर जाने से रोक दिया. CJP प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर डिटेन सेंटरों में भेज दिया. गुरुग्राम में ध्रुव राठी को हिरासत में लिया तो दिल्ली में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के परपोते तुषार गांधी को डिटेन किया.
SIR के जरिए वोटर लिस्टों में हेरफेर करने के आरोप
बता दें कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर SIR के जरिए वोटर लिस्टों में हेरफेर करने के आरोप हैं. क्योंकि उन्होंने अपनी मर्जी से SIR कराने का फैसला लेकर आदेश जारी कर दिया और नए वोट बनवाने के लिए ऑनलाइन फॉर्म-6 में भी अपने अनुसार बदलाव कर दिए, जबकि बदलाव करने का अधिकार विधि मंत्रालय के पास है. यह मामला उस समय खुल कर सामने आया, जब चुनाव आयुक्त विवेक जोशी और सुखबीर सिंह संधू ने एक लेटर लिखकर मुख्य चुनाव आयुक्त के फैसलों पर आपत्ति जताई और कहा कि उन्होंने उनसे न विचार-विमर्श किया और न ही उनकी सहमति ली. उन दोनों ने करीब 14 मामलों में 10 बार लिखित आपत्ति जताई.
संबंधित खबरें
अरब सागर में भारतीय नौसेना ने लुटेरों से छुड़ाए जहाज समेत 20 क्रू मेंबर्स
4 hrs agoगोकर्ण बीच पर बड़ा हादसा, लहरों में बह गए बेंगलुरु के 3 टेक कर्मचारी
4 hrs ago120 KMPH की हवा, भारी बारिश... अर्नब के बाद चक्रवात 'मुरासु' का विकराल रूप
4 hrs agoNCP विलय की चर्चा क्यों, अमित शाह से अजित गुट के नेताओं को क्या मिली नसीहत?
6 hrs ago'आप विदेशी मदद से PM बने', राहुल का PM मोदी पर पलटवार, खुली बहस की चुनौती
8 hrs agoओडिशा में किसानों पर दोहरी मार, अर्नब के बाद मुरासु साइक्लोन का खतरा
9 hrs ago'हवाई सफर मत करें', प्लेन के किराये में भारी बढ़ोतरी पर SC की दो टूक
12 hrs agoदिवाली पर ग्रीन पटाखे फोड़ने की SC ने दी मंजूरी; घंटे भी किए फिक्स
12 hrs agoआजम खान को SC से तगड़ा झटका, ED की गिरफ्तारी पर तुरंत सुनवाई से इनकार
12 hrs agoक्या स्टिंग ऑपरेशन करना भारत में है कानूनी, क्या कहता है सुप्रीम कोर्ट?
12 hrs agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines