लोकसभा में नागरिक उड्डयन नियामक संस्थाओं में भारी मानव संसाधन की कमी का मुद्दा उठने के बाद सरकार के आंकड़ों ने कई अहम सवाल खड़े कर दिए हैं। लोकसभा में पूछे गए सवाल के जवाब में नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने स्वीकार किया कि नियामक ढांचे में बड़ी संख्या में पद खाली हैं, हालांकि सरकार ने इसके कामकाज पर असर से इनकार किया है।
सांसद कामाख्या प्रसाद तासा के सवाल के जवाब में राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने बताया कि देश के प्रमुख विमानन नियामक नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) में कुल 1630 स्वीकृत पद हैं, जिनमें से 787 पद खाली हैं। यानी लगभग आधे पद रिक्त होने से विमानन सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर सरकार पर सवाल उठ सकता है। हालांकि मंत्रालय का दावा है कि 2022 से 2024 के बीच भविष्य के विस्तार को ध्यान में रखते हुए 441 नए पद बनाए गए, जिनमें 426 तकनीकी और 15 गैर-तकनीकी पद शामिल हैं।
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सरकार ने यह भी बताया कि पिछले चार महीनों में 15 अधिकारी और 9 फ्लाइट ऑपरेशन इंस्पेक्टर की नियुक्ति हुई है। इसके अलावा 164 तकनीकी अधिकारियों, 1 फ्लाइट ऑपरेशन इंस्पेक्टर और 3 स्टेनोग्राफर का चयन किया गया है, जबकि 94 पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया जारी है। बावजूद इसके, मुद्दा है कि इतनी बड़ी संख्या में रिक्तियां सुरक्षा निगरानी प्रणाली पर असर डाल सकती है ।
इसी तरह, विमानन सुरक्षा से जुड़ी दूसरी अहम संस्था नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (BCAS) में भी 598 स्वीकृत पदों में से 230 पद खाली हैं। सरकार ने 2024 में अतिरिक्त 84 पद सृजित करने का दावा किया है, लेकिन इतने बड़े स्तर पर रिक्तियां यह संकेत देती हैं कि बढ़ते एयर ट्रैफिक के बीच सुरक्षा तंत्र को और मजबूत करने की जरूरत बनी हुई है।
सरकार का कहना है कि इन रिक्तियों का संस्थाओं के कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ा है और भर्ती प्रक्रिया तेज की गई है। साथ ही अस्थायी जरूरतों को पूरा करने के लिए संविदा नियुक्तियों का सहारा लिया जा रहा है और अधिकारियों के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण ढांचा तैयार किया गया है।
राजनीतिक रूप से यह मुद्दा इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि भारत में विमानन क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहा है। साथ ही हाल के दिनों में जहाज़ दुर्घटनाएं हुई है ऐसे में जब यात्री संख्या और हवाई सेवाएं लगातार बढ़ रही हैं, तब नियामक संस्थाओं में इतनी बड़ी संख्या में खाली पद सुरक्षा व्यवस्था पर असर डाल सकती हैं।
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