श्रीनगर–लेह राजमार्ग पर शुक्रवार को जोजिला दर्रे के लद्दाख वाले हिस्से में आए भीषण हिमस्खलन (एवलांच) में कम से कम 7 लोगों की मौत हो गई और 5 घायल हो गए. घटना सोनमर्ग के निकट जोजिला पास के जीरो प्वाइंट क्षेत्र में हुई, जहां भारी मात्रा में बर्फ नीचे की ओर सरकते हुए कई यात्री वाहनों को मलबे के नीचे दबा दिया. स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, घटना के बाद बचाव अभियान तुरंत शुरू कर दिया गया, लेकिन बर्फ और बार‑बार टूटती ढलानों के कारण काम बेहद कठिन रहा.
बर्फ में दबी कई गाड़ियां
सूत्रों के अनुसार, हिमस्खलन दोपहर के बाद लगभग 4 बजे के आसपास आया, जब सड़क पर कर्गिल और लेह की ओर जाने वाली कई यात्री कारें और ट्रक चल रहे थे. भारी बर्फ की दीवार नीचे आते ही वाहनों का एक समूह सड़क से गायब हो गया. एक बचे हुए यात्री ने बताया, 'एक भारी शोर के बाद चारों तरफ सिर्फ बर्फ दिखाई दी. अगले कुछ ही पलों में हमारी गाड़ी ऊपर बर्फ के नीचे दब गई.'
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अब तक 7 लोगों की मौत, 5 घायल
स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि बर्फ में दबे वाहनों को निकालते समय कम से कम 7 शव मिले, जबकि 5 घायलों को निकालकर लेह और स्रिनगर के नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. बचाव टीमों में स्थानीय पुलिस, बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (BRO), जम्मू‑कश्मीर पुलिस और स्थानीय यूनिटों के साथ‑साथ प्रशिक्षित बचाव दल शामिल थे. गांदरबल के उप पुलिस अधीक्षक खालिल पोसवाल ने कहा कि उप‑शून्य तापमान और अस्थिर ढलानों के कारण काम बहुत जोखिम भरा है, लेकिन अभियान रात भर चलाए जाने की तैयारी है.
इस हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन ने श्रीनगर–लेह राजमार्ग को जोजिला पास के इस हिस्से पर अगले आदेश तक बंद रखने का आदेश दिया है और यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की सलाह दी है. अधिकारियों का कहना है कि ज़ोजिला पास लगभग 11,500 फीट की ऊंचाई पर बना एक अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र है, जहां वसंत के दौरान बर्फ गलने से हिमस्खलन की घटनाएं बार‑बार होती रही हैं. बीआरओ पहले भी यात्रियों को अतिरिक्त चौकसी बरतने की चेतावनी जारी कर चुका है.