महाराष्ट्र के नांदेड़ से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है. शहर के देगलूर नाका इलाके में नगर निगम की कथित लापरवाही के चलते नाले के निर्माण के लिए खोदे गए गहरे गड्ढों में भरे पानी में डूबकर चार मासूम बच्चों की मौत हो गई. इस हादसे के बाद इलाके में मातम पसरा हुआ है, वहीं लोगों का गुस्सा भी उफान पर है.
लापरवाही से बड़ा हादसा
देगलूर नाका क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से नाले का निर्माण कार्य चल रहा था. ठेकेदार द्वारा खोदे गए गहरे गड्ढे बेमौसम बरसात के पानी से लबालब भर गए थे, लेकिन सुरक्षा के नाम पर वहां कोई इंतजाम नहीं किया गया. न तो गड्ढों के चारों ओर बैरिकेडिंग की गई और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया - जिससे ये गड्ढे अनजाने में ही मौत का जाल बन गए.
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खेलते-खेलते मौत के मुंह में समा गए
गुरुवार दोपहर 12 बजे के करीब पास खेल रहे मासूम बच्चे इन पानी से भरे गड्ढों के करीब पहुंच गए. गहराई का अंदाजा न होने के कारण एक-एक कर चारों बच्चे उसमें डूब गए. जब तक स्थानीय लोग मदद के लिए दौड़े, तब तक बहुत देर हो चुकी थी. चीख-पुकार और अफरा-तफरी के बीच पूरे इलाके का माहौल गमगीन हो गया.
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इन बच्चों में 10 साल के मोहम्मद अदनान मोहम्मद फिरोज, 13 साल के मोहम्मद अली मोहम्मद इदरीस और सैयद इरफान सैयद फिरोज शामिल हैं. चौथे बच्चे की अभी पहचान नहीं हो पाई है.
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लोगों का फूटा गुस्सा, प्रशासन कटघरे में
घटना के बाद स्थानीय नागरिकों का आक्रोश फूट पड़ा. लोगों ने नगर निगम प्रशासन और ठेकेदार पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है. नागरिकों का कहना है कि, निर्माण स्थल पूरी तरह असुरक्षित था. सुरक्षा घेरा या चेतावनी संकेत नहीं लगाए गए.
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रिहायशी इलाके में खुले गड्ढे छोड़ना सीधे तौर पर लोगों की जान जोखिम में डालना है, एक स्थानीय निवासी ने आक्रोश जताते हुए कहा, 'ये सिर्फ हादसा नहीं, बल्कि लापरवाही से हुई चार मासूमों की हत्या है. जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए.'
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जांच शुरू, कार्रवाई पर टिकी निगाहें
घटना के बाद नांदेड में तनाव का माहौल है. पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है.