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CM हिमंत बिस्वा पर दर्ज होंगी 100 FIR? जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने क्यों खोला मोर्चा

जमीयत उलेमा ए हिंद ने असम के मुख्य मंत्री हिमंत बिस्वा के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी कर ली है। सीएम के मियां वाले बयान पर संगठन में नाराजगी है। इसके लिए पूरे देश में सीएम पर एफआईआर दर्ज करने की तैयारी की गई है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट।

असम की सीएम हिमंत बिस्वा की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। एक बयान के विरोध में जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने देशभर में 100 एफआईआर दर्ज करने की तैयारी में है। अब तक अहमदाबाद और उत्तर प्रदेश के कुछ शहरों में सीएम के खिलाफ शिकायतें दर्ज भी कराई गई हैं। बताया जा रहा है कि इस मुहिम का मकसद संदेश देना है कि ऐसी बयानबाजी और ध्रुवीकरण की राजनीति को केवल असम तक सीमित नहीं रहने दिया जाएगा। इसका देशभर में इसका विरोध होगा।

बता दें कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मुस्लिम समुदाय के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले 'मियां' वाले बयान से कांग्रेस पार्टी के अल्पसंख्यक नेता आहत हो गए हैं। इन्होंने देश व्यापी कानूनी मोर्चा खोलने की तैयारी कर ली है। इसके लिए विभिन्न राज्यों में 100 से अधिक एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी चल रही है।

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अब तक अहमदाबाद (गुजरात) और उत्तर प्रदेश के कुछ शहरों में शिकायतें दर्ज भी कराई जा चुकी हैं। इस मुहिम का मकसद यह संदेश देना है कि ऐसी बयानबाजी और ध्रुवीकरण की राजनीति को केवल असम तक सीमित नहीं रहने दिया जाएगा, बल्कि देशभर में इसका विरोध होगा।

इसको लेकर जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका में सीएम सरमा के बयानों को 'हेट स्पीच' बताया गया है। साथ ही याचिकाकर्ता ने संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों के लिए सख्त दिशा-निर्देश तय करने की मांग की है। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने सीएम पर कोर्ट के पुराने फैसलों का गलत हवाला देने और नफरत फैलाने का आरोप लगाया है।

इसके अलावा कांग्रेस ने 'whoishbs.com' नाम से एक वेबसाइट भी लॉन्च की है। इसमें मुख्यमंत्री के खिलाफ भ्रष्टाचार और अन्य आरोप दर्ज करने की सुविधा है। वहीं दिल्ली में सामाजिक कार्यकर्ता हर्ष मंदर ने सीएम हिमंत के खिलाफ पुलिस शिकायत दर्ज कराई।

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