Can Yogurt Improve Depression and Anxiety: एक नई रिसर्च से पता चलता है कि फर्मेंटेड फूड और दही में पाया जाने वाला बैक्टीरिया डिप्रेशन और चिंता को रोकने में मदद कर सकता है। University of Virginia School of Medicine के रिसर्चरों ने पता लगाया है कि लैक्टोबैसिलस बैक्टीरिया शरीर को तनाव का मैनेज करने में मदद करता है। मुमकिन है कि डिप्रेशन और चिंता जैसी मेंटल हेल्थ की शुरुआत को रोकता है।
पहले की रिसर्च में सुझाव दिया गया था कि बैक्टीरिया डिप्रेशन को दूर कर सकता है। यह समझने के लिए कि ऐसा क्यों होता है, रिसर्चरों ने Altered Schaedler Flora नामक बैक्टीरिया के एक कलेक्शन का यूज किया, जिसमें लैक्टोबैसिलस के 2 स्ट्रेन और 6 अन्य बैक्टीरिया स्ट्रेन शामिल थे। यह देखा गया कि तनावग्रस्त चूहों से रोगाणु-मुक्त चूहों में आंत के बैक्टीरिया का ट्रांसफर डिप्रेशन और चिंता से जुड़े व्यवहार को जन्म देता है।
सुबह का दही का सेवन डिप्रेशन, चिंता को रोकने में मदद कर सकता है, जानें इस Video में-
क्या दही डिप्रेशन और चिंता में मदद करता है?
द गट कंपनी के Nutritionist सास प्रसाद ने कहा कि यह स्टडी पेट के स्वास्थ्य और मानसिक कल्याण को जोड़ता है, जो पोषण के क्षेत्र में रुचि का एक बड़ा क्षेत्र है। उनके अनुसार, लैक्टोबैसिलस, जो आमतौर पर फर्मेंटेड फूड और दही में पाया जाता है, जो तनाव, डिप्रेशन और चिंता को एक तरह से रोकथाम से जुड़ा हुआ है।
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Dr. Bankole Johnson, neuroscientist और Casa Privé के founder भी इस बात से सहमत हुए और उन्होंने कहा कि यह स्टडी तनाव और चिंता पर इंटेस्टाइन के रोगाणुओं की भूमिका पर प्रकाश डालता है। माइक्रोबायोटा दिमाग सिग्नलिंग पर असर करता है, इसलिए माइक्रोबायोटा में परिवर्तन दिमाग की उत्तेजना को बदल देता है। सास प्रसाद ने कहा कि मेंटल हेल्थ का समर्थन करने में लैक्टोबैसिलस की भूमिका को आंत-ब्रेन पर इसके प्रभाव के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।
क्या दही तनाव कम कर सकता है और चिंता के लक्षणों में सुधार कर सकता है? जानें इस Video में-
इंटेस्टाइन और सेंट्रल नर्वस सिस्टम के बीच टू वे कम्युनिकेशन के कारण आंत को अक्सर “दूसरा दिमाग” कहा जाता है। आंत में भरपूर मात्रा में होने पर लैक्टोबैसिलस इस कम्युनिकेशन को कंट्रोल करने के लिए होता है, जो सेरोटोनिन और गामा-एमिनोब्यूटिरिक एसिड (Gamma-Aminobutyric Acid) जैसे न्यूरोट्रांसमीटर के प्रोडक्शन पर असर करता है और मूड रेगुलेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इसके अलावा, लैक्टोबैसिलस आंत में सूजन को कम करता है। केवल अपनी डाइट में ज्यादा लैक्टोबैसिलस शामिल करना मेंटल हेल्थ की समस्याओं के लिए एक रोकथाम की रणनीति हो सकती है। स्वस्थ आहार खाने से आपके मानसिक स्वास्थ्य में सुधार हो सकता है और तनाव पर असर पड़ सकता है, लेकिन लैक्टोबैसिलस उपचार का ऑप्शन नहीं है।
Disclaimer: इस लेख में बताई गई जानकारी और सुझाव को पाठक अमल करने से पहले डॉक्टर या संबंधित एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें। News24 की ओर से किसी जानकारी और सूचना को लेकर कोई दावा नहीं किया जा रहा है।
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