क्या है ई-सिगरेट?
ई-सिगरेट यानी की इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट बैटरी की मदद से चलने वाला एक डिवाइस है, जिसमें निकोटिन के साथ-साथ कई केमिकल्स के घोल मिले होते हैं। जब इसे कोई यूज करने वाला इससे कश को खींचता है तो डिवाइस के जरिए घोल स्टीम में चेंज हो जाती है। इस तरह से ई-सिगरेट की कश खींचने पर धुएं की जगह भाप अंदर जाती है।ई-सिगरेट के नुकसान
फेफड़ों के लिए नुकसानदायक ई-सिगरेट में निकोटिन के साथ ही फ्लेवेरिंग के लिए खुशबू वाले केमिकल्स मिले होते हैं। यह केमिकल जब गर्म होते हैं तो कश खींचने पर सांस के साथ लंग्स में जाते हैं, जिससे फेफड़ों के कैंसर का चांस बढ़ता है।वेपिंग क्या है?
वेपिंग में लिक्विड फ्लेवर को जब हाई टेंपरेचर पर गर्म करते हैं, तो एयरोसोल बनता है जिसे सांस के जरिए अंदर लिया जाता है, इसमें कई तरह के केमिकल्स का यूज होता है, जिनमें प्रोपलीन ग्लाइकोल, ग्लिसरीन, निकोटीन और फ्लेवर्ड केमिकल्स होते हैं। इसके अलावा इन फ्लेवर में कई फ्रूट्स का टेस्ट जैसे स्ट्रॉबेरी, तरबूज और ब्लूबेरी भी काफी चलन में है, लेकिन ये गर्म होने पर खतरनाक केमिकल पैदा करता है जिससे सेहत को काफी नुकसान होता है। इससे क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज, दिल से जुड़ी बीमारियां और कैंसर होने का जोखिम बढ़ रहा है। ये भी पढ़ें- Breakfast में शामिल करें ये 5 चीजें, कंट्रोल में रहेगा ब्लड शुगर
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