World Hypertension Day 2025: धूम्रपान हृदय रोगों का एक प्रमुख कारण माना जाता है। हाई ब्लड प्रेशर भी इसमें शामिल है। आमतौर पर लोग जानते हैं कि धूम्रपान करने से फेफड़ों को नुकसान पहुंचता है, लेकिन इसका हमारे बीपी पर भी गहरा असर पड़ता है।
सिगरेट और बीपी का संबंध क्या?
निकोटिन, जो तंबाकू उत्पादों में पाया जाने वाला एक नशीला पदार्थ होता है, शरीर में एड्रेनालिन हार्मोन के स्तर को बढ़ाता है। यह हार्मोन दिल की धड़कनों को तेज करता है और ब्लड वेसल्स में सिकुड़न की समस्या पैदा करता है। इससे हाई ब्लड प्रेशर अस्थायी रूप से बढ़ जाता है।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
फोर्टिस अस्पताल, फरीदाबाद के न्यूरोलॉजी निदेशक, डॉ.विनीत बंगा बताते हैं कि अगर कोई व्यक्ति दिनभर बार-बार सिगरेट के संपर्क में आता है, तो यह प्रभाव लंबे समय तक बना रहता है और यही स्थिति क्रॉनिक हाइपरटेंशन यानी लंबे समय तक हाई बीपी का कारण बन सकती है।
इस साल की थीम?
हर साल 17 मई को वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे मनाया जाता है। इस साल की थीम “अपना ब्लड प्रेशर सटीक मापें, इसे नियंत्रित करें और लंबा जिएं” है। हेल्थ रिपोर्ट्स के अनुसार, हाई बीपी के कारण हर साल बढ़ते हैं और लगभग 75 लाखों लोग प्रति वर्ष अपनी जान गंवा देते हैं। स्मोकिंग भी एक बड़ा कारण है हाई बीपी की समस्या का।
रिसर्च क्या कहती है?
कई हेल्थ रिसर्च में यह भी पाया गया है कि कभी-कभार धूम्रपान करना या सेकंडहैंड स्मोक (दूसरों के धुएं के संपर्क में आना) भी ब्लड प्रेशर को बढ़ा सकता है। लंबे समय तक हाई बीपी बने रहने से हार्ट अटैक, स्ट्रोक और किडनी फेलियर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
धूम्रपान छोड़ने से होगा फायदा?
सबसे अहम बात यह है कि यदि व्यक्ति धूम्रपान छोड़ दे, तो कुछ हफ्तों में ही शरीर में सकारात्मक बदलाव आने लगते हैं। ब्लड प्रेशर सामान्य स्तर पर आने लगता है और हृदय रोग के जोखिम को कम करता है। हालांकि, अगर व्यक्ति मोटापा, खराब डाइट जैसी अन्य समस्याओं से जूझ रहा है, तो केवल स्मोकिंग छोड़ने से सेहत में सुधार नहीं होगा। उसे साथ में अपनी लाइफस्टाइल में भी बदलाव करने होंगे।
Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी पर अमल करने से पहले विशेषज्ञों से राय अवश्य लें। News24 की ओर से जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है।