World Hypertension Day 2025: हाइपरटेंशन यानी बीपी हमेशा हाई रहना। आजकल यह प्रॉब्लम दुनिया के लाखों लोगों में पाई जाती है। हैरानी की बात तो यह है कि हाई बीपी जो पहले बुजुर्गों और फिर युवाओं में पाई जाती थी, मगर अब यह छोटे स्कूल जाने वाले बच्चों और किशोरों में भी होने लगी है। यह उनके लिए भी एक गंभीर समस्या बन रही है। आज यानी 17 मई को वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे है।
हर साल इस दिन यह खास दिवस मनाया जाता है। इस बार हाइपरटेंशन डे की थीम हाई बीपी का सही माप करें, उसे नियंत्रण करें और लंबे समय तक जिएं। हाई बीपी का आंखों पर भी कुछ असर पड़ता है, खासतौर पर बच्चों की आंखों पर। आइए जानते हैं इस बारे में डॉक्टर से।
हाई बीपी की समस्या क्यों बढ़ रही है?
हाई ब्लड प्रेशर की स्थिति इन दिनों आम हो गई है। आपको बता दें कि इसका प्रमुख कारण बदलती जीवनशैली है। खराब लाइफस्टाइल की वजह से बीपी की समस्या बढ़ना तय है। इसके अलावा, अधिक स्क्रीन टाइम, मोटापा और मेंटल हेल्थ भी इसकी वजह हैं। माता-पिता अक्सर यह नहीं समझ पाते हैं कि हाई बीपी बच्चों की आंखों की सेहत पर कितना गंभीर प्रभाव डाल सकता है।
आंखों पर असर
हाई बीपी के चलते हाइपरटेंसिव रेटिनोपैथी, रेटिनल वेन ऑक्लूजन और यहां तक कि स्थायी दृष्टि हानि होने का भी खतरा रहता है। यह स्थिति तब उत्पन्न होती है, जब ब्लड प्रेशर हाई होने से आंखों की रेटिना में सूजन हो जाती है। इससे आंखों के रेटिना में ब्लड का फ्लो और सर्कुलेशन दोनों ही धीमा हो जाता है।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
आई-क्यू सुपर स्पेशियलिटी आई हॉस्पिटल्स के सह-संस्थापक और मुख्य चिकित्सा निदेशक, डॉ. अजय शर्मा के अनुसार, बच्चों की आंखों की नियमित जांच बेहद जरूरी है, खासकर अगर परिवार में हाई बीपी की हिस्ट्री रही हो या बच्चे में मोटापे व तनाव के लक्षण दिखाई दे रहे हों। कई बार आंखों की शुरुआती समस्या कोई और बीमारी जैसे हाई बीपी की ओर इशारा करती है, जिसे नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है।
बच्चों में हाई बीपी के संकेत
- तेज सिरदर्द महसूस करना।
- दिल की धड़कनों का तेज होना।
- सांस लेने में तकलीफ होना।
- आंखों की रोशनी में कमजोरी भी एक संकेत है।
- चक्कर और थकावट होना।
- नाक से खून आना।
माता-पिता रखें इन बातों का ख्याल
- पेरेंट्स अपने बच्चों की डाइट और दिनचर्या पर ध्यान दें।
- संतुलित आहार, नियमित व्यायाम करें और डिजिटल स्क्रीन से दूरी बनाना जरूरी है।
- अगर बच्चों को आंखों में थकावट, धुंधलापन या सिरदर्द जैसे लक्षण दिख रहे हैं, तो इन संकेतों को नजरअंदाज करने से बचें।
- समय पर आई टेस्ट और जरूरी मामलों में एक्सपर्ट की सलाह लें। इससे न केवल बच्चों की आंखों की रोशनी बचाई जा सकती है, बल्कि मेजर हेल्थ प्रॉब्लम्स से भी बचा जा सकता है।
क्या बीपी का कोई इलाज है?
हालांकि, इसे खत्म करने का इलाज नहीं है, लेकिन इसे नियंत्रित करने के लिए आप लाइफस्टाइल में बदलाव और गंभीर मामलों में डॉक्टर से एंटीहाइपरटेन्सिव दवाएं भी ले सकते हैं।
Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी पर अमल करने से पहले विशेषज्ञों से राय अवश्य लें। News24 की ओर से जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है।