Autism Signs: ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसोर्डर दिमाग से जुड़ी एक दिक्कत है जिसमें व्यक्ति के बोलने, सीखने और लोगों से बात करने का तरीका प्रभावित होता है. इस कंडीशन में व्यवहार में भी कई तरह के बदलाव नजर आते हैं. इसे स्पेक्ट्र्म कंडीशन इसीलिए कहा जाता है क्योंकि इसमें कई तरह के लक्षण नजर आते हैं जो एकदूसरे से कई लेवल्स पर अलग हो सकते हैं. ऑटिज्म को लेकर जागरूकता फैलाने के लिए ही हर साल 2 अप्रैल को वर्ल्ड ऑटिज्म अवेयरनेस डे (World Autism Awareness Day) मनाया जाता है. ऑटिज्म डिसोर्डर बचपन में शुरू होता है, इसीलिए बच्चे को ऑटिज्म है या नहीं इसे कम उम्र में ही पहचाना जा सकता है. ऐसे में यहां जानिए किन लक्षणों (Autism Symptoms) से पता चला है कि बच्चे को ऑटिज्म है या नहीं.

ऑटिज्म के लक्षम कैसे नजर आते हैं

  • ऑटिज्म होने पर बच्चा आई कॉन्टेक्ट यानी नजरें मिलाने से परहेज करने लगता है.
  • बच्चे के चेहरे पर किसी तरह के भाव नजर नहीं आते हैं, यानी वह दुखी है, खुश है या गुस्सा है यह उसके चेहरे को देखकर नहीं पहचाना जाता.
  • एक साल का होने के बाद भी बच्चा अपनी उम्र के बाकी बच्चों की तरह आसान खेलों को नहीं समझ पाता है.
  • बच्चा 3 साल का होने के बाद भी बाकी बच्चों के साथ खेलने नहीं जाता है या उन्हें खेलते हुए नॉटिस नहीं करता है.
  • 5 साल का होने के बाद भी बच्चा गाता नहीं है, नाचता नहीं है या वह बाकी बच्चों की तरह एक्टिव नहीं होता है.

बच्चे की सोशल स्किल्स डेवलप नहीं होतीं

ऑटिज्म में बच्चे की सोशल स्किल्स डेवलप नहीं होती हैं. बच्चा अपना नाम सुनकर भी रिस्पोंड नहीं करता है. वह अकेले रहना पसंद करता है और खुद से किसी से बातचीत शुरू नहीं करता है. ऑटिज्म में बच्चा एक ही बात को अक्सर दोरहराता रहता है. वह अपने इमोशंस को दिखाता नहीं है और उसे यह समझने में भी दिक्कत होती है कि कोई और क्या महसूस कर रहा है.

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एक ही मूवमेंट दोहराता है

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जिन बच्चों को ऑटिज्म होता है वह अक्सर ही एक ही मूवमेंट को बार-बार दोहराने लगले हैं. बच्चा चाहे कुर्सी पर आगे-पीछे हो रहा हो या फिर घूम रहा हो, वह मूवमेंट को रोकता नहीं है. कई बार बच्चा अपने आपको ही काटने लगता है, नोंचने लगता है या फिर अपना सिर दीवार पर मारना शुरू कर देता है. बच्चा कोर्डिनेटेड नहीं दिखता है और क्लम्जी होता है, वह इस तरह के पैटर्न्स में मूव करता है जो दूसरे लोगों को नॉर्मल नहीं लगता है.

डॉक्टर से कब मिलना चाहिए

हर बच्चे का दिमाग अपनी अलग गति से डेवलप होता है. लेकिन, ऑटिज्म में बच्चे की ब्रेन डेवलपमेंट डिले हो जाती है यानी बहुत ज्यादा धीमी दिखने लगती है. इसमें बच्चे के बोलने की स्किल्स और सोशल इंटरेक्शंस पर भी असर पड़ता है. ऐसे में अगर आपको 3 साल तक की उम्र में बच्चे की डेवलपमेंट धीमी दिख रही है और ऑटिज्म के लक्षण नजर आ रहे हैं तो डॉक्टर से संपर्क करें.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.