क्या बहुत पतले होने पर जा सकती है जान? नई स्टडी में हुआ खुलासा, जानिए कितना वजन होना चाहिए

Risks Of Being Underweight: मोटापा किस-किस तरह से खतरनाक है इसके बारे में अक्सर ही बात होती है. लेकिन, क्या आप जानते हैं जरूरत से ज्यादा पतला होना भी मुसीबत का सबब बन सकता है. यहां जानिए क्या कहती है नई स्टडी.

Underweight Risks

बहुत ज्यादा पतले होने पर मंडरा सकता है जान का खतरा. Image Credit- Freepik

Underweight Risks: बढ़ते वजन के खतरों को लेकर अक्सर बात की जाती है और गिनाया जाता है कि मोटापा किन स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों की वजह बन सकता है. लेकिन, थोड़ा बहुत मोटा होना आपकी जिंदगी पर खतरा नहीं है मगर बहुत ज्यादा पतले होने पर जान भी जा सकती है. यह कहना है हालिया दानिश स्टडी का. स्टडी में 85,000 वयस्कों को ट्रैक किया गया और देखा गया कि जिन लोगों का BMI यानी बॉडी मास्क इंडेक्स 18.5 से नीचे है उन्हें मृत्यु का खतरा मध्य वर्ग और ऊपर के आंकड़ों के लोगों से ज्यादा है. इस नई रिसर्च (Research) में कहा जा रहा है कि ट्रेडिशनल हेल्दी बॉडी मास्क इंडेक्स रेंज गलत हो सकती हैं क्योंकि BMI के अनुसार जिन लोगों को ओवरवेट (Overweight) कहा जा रहा है स्टडी में उनके रिजल्ट्स कम BMI वाले लोगों की तुलना में बेहतर पाए गए हैं.

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बहुत पतले होने पर जान का खतरा

स्टडी में पाया गया है कि मौत का खतरा 18.5 BMI से कम लोगों में सबसे ज्यादा है. ये वे लोग हैं जिनका वजन जरूरत से ज्यादा कम है. इसके अलावा, 20 से 22.4 BMI के लोगों में मौत का खतरा 27 प्रतिशत तक ज्यादा है. यह आंकड़े इसलिए भी चिंता का विषय हैं क्योंकि अबतक BMI चार्ट के मुताबिक, 18.5 से 24.9 वाले ग्रूप के लोगों को सबसे अच्छा बताया जाता है.

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थोड़ा ओवरवेट होना बहुत पतले होने से बेहतर क्यों है?

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बहुत ज्यादा पतले होने से बेहतर थोड़ा बहुत ओवरवेट होना विज्ञान की दृष्टि से हमेशा बेहतर माना गया है. ऐसा इसलिए क्योंकि शरीर में थोड़ा फैट रिजर्व होने का मतलब है कि शरीर बीमारियों से बेहतर तरह से लड़ सकता है, जैसे अगर कोई मरीज कैंसर (Cancer) के ट्रीटमेंट से गुजर रहा है जैसे कीमोथेरैपी तो उसका वजन घटना शुरू हो जाता है और साथ ही भूख में कमी आने लगती है. ऐसे में जिन लोगों के शरीर में पहले से फैट रिजर्व होता है उनका शरीर पहले की तरह काम करने में सक्षम होता है. वहीं, बहुत पतले व्यक्ति के शरीर में फैट कम होने से बॉडी के रिकवर करने की क्षमता कम हो जाती है और इससे जान का खतरा रहता है.

खाना ना खाने पर क्या होता है

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व्यक्ति अगर बहुत ज्यादा पतले रहने के लिए खाना खाना कम कर देता है या छोड़ देता है तो बिना खाने के शरीर केटाबॉलिक स्टेट में आ जाता है जहां वो ब्रेन फंक्शनिंग के लिए जरूरी एनर्जी पाने के लिए टिशूज को ब्रेक करने लगता है. इस प्रोसेस में शरीर की सारी एनर्जी दिमाग को महत्व देने लगती है और शरीर के अन्य अंगों के काम पर असर पड़ता है.

रिसर्चर्स का क्या कहना है

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रिसर्च को आधार बनाते हुए रिसर्चर्स का कहना है कि हो सकता है कि स्टडी जिन लोगों पर की गई है उनका वजन किसी बीमारी की वजह से कम हुआ हो और मृत्यु का खतरा उस बीमारी की वजह से हो ना कि वजन घटाने (Weight Loss) की वजह से. लेकिन, स्टडी इस बात पर जोर डालती है कि पतले होना हमेशा प्रोटेक्टिव नहीं है और एक्स्ट्रा वेट हमेशा खतरनाक नहीं है.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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